मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · शाम 6:34 · नई दिल्ली संस्करण

बेटी के प्रेम विवाह करने से आहत पिता ने किया श्राद्ध, भाई ने खाया जहर

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

बेटी के प्रेम विवाह करने से आहत पिता ने किया श्राद्ध, भाई ने खाया जहर

- पूरे परिवार ने श्राद्ध से पहले कराया मुंडन

औरैया, 11 मार्च । जिले के दिबियापुर में एक ऐसा प्रकरण सामने आया जिसने इलाकाई लोगों के साथ-साथ पूरे समाज को हिला कर रख दिया है। एक युवती के प्रेम विवाह करने पर उसके पूरे परिवार ने मुंडन कराकर श्राद्ध किया है। वहीं युवती के भाई ने जहर खा लिया है। हालांकि समय से उपचार मिलने से उसकी हालत स्थिर है।

दिबियापुर के अब्दुल हमीद नगर निवासी एक पिता ने अपनी पुत्री के प्रेम विवाह करने के बाद दोनों पुत्रों के साथ शनिवार को मुंडन करवा कर श्राद्ध किया। कहा कि अब मेरी बेटी मेरे व मेरे परिवार के लिए मर गई है। उसका श्राद्ध होना बहुत जरूरी था। वहीं भाई ने बहन के वियोग में जहरीला पदार्थ भी खा लिया था। उसकी हालत बिगड़ने पर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दिबियापुर में भर्ती कराया गया, जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

मामले में पिता ने फूट-फूटकर अपनी बात बताते हुए कहा कि पुत्री के गलत आचरण एवं गलत संगत के कारण उसने अपने परिवार की मान मर्यादा को तार-तार कर दिया। जिसके चलते वह समाज और रिश्तेदारों में बदनामी का पात्र बन गया है। इसके चलते उसने और उसके परिवार ने यह निर्णय लिया कि अब बेटी मर गई है और मुंडन करवा कर उसके श्राद्ध करना अति आवश्यक है। इस घटना से पूरे समाज में कोलाहल कट गया और लोग अभिभावकों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि पिता और भाई किसी भी कीमत पर मानने को तैयार नहीं हुए और पुत्री के जाने के विरोध में श्राद्ध और मुंडन करवा लिया।

दिबियापुर के इस मामले ने समाज को यह सीख दी कि अगर बच्चे मां-बाप की बात नहीं मानते हैं तो अभिभावकों को ऐसा कदम अवश्य उठाना चाहिए जिससे बच्चे ऐसा करने से बचे और वह कोई ऐसा गलत कदम ना उठाएं जिससे समाज में माता-पिता की प्रतिष्ठा दांव पर लगे।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें