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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:20 · नई दिल्ली संस्करण

अब अधिकारी तलाशेंगे एसवाईएल का हल, होंगी नियमित बैठकें

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
अब अधिकारी तलाशेंगे एसवाईएल का हल, होंगी नियमित बैठकें

चंडीगढ़। हरियाणा और पंजाब के बीच लंबे समय से चले आ रहे सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर के विवाद का हल अब दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी मिलकरतलाशेंगे। मंगलवार को चंडीगढ़ में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई संयुक्त बैठक में यह फैसला लिया गया।इस मुद्दे पर अब दोनों राज्यों के अधिकारियों की लगातार बैठकें चलेंगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह नियमित रूप से बैठक करके इस विवाद का हल तलाशें और किसी भी राज्य के हितों की अनदेखी न हो। बैठक में पंजाब के जल संसाधन मंत्री बीरेंद्र गोयल, हरियाणा की जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी तथा दोनों राज्यों के आला अधिकारी मौजूद रहे।बैठक में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने एसवाईएल को लेकर अपने-अपने तर्क रखे। उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद पिछली बैठक में केंद्र सरकार ने दोनों राज्यों को यह निर्देश दिए थे कि वह न्यायालय में सुनवाई से पहले आपस में बैठक करके इसका हल निकालें और केंद्र को बताएं। वर्ष 2020 से लेकर अब तक एसवाईएल के मुद्दे पर दोनो राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच पांच बैठकें हो चुकी हैं। मंगलवार को छठी बैठक के बाद हरियाणा एवं पंजाब के मुख्यमंत्रियों ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की।हरियाणा के मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर पहले कई बैठकें हो चुकी हैं। आज की बैठक में सार्थक बातचीत हुई है। इस बैठक के सकारात्मक परिणाम सबके सामने होंगे। सैनी ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वह पंजाब के साथ तालमेल करके नियमित बैठकें करें और इस समस्या का समाधान करें। सैनी ने कहा कि अधिकारी अपनी रिपोर्ट हमें देंगे। इसके बाद जरूरत के अनुसार दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री दोबारा इस मुद्दे पर बातचीत करेंगे।पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि हरियाणा हमारा भाई है। दोनों राज्यों के बीच वर्षों पुराने आपसी संबंध हैं। अब इस विवाद का समाधान होना जरूरी है। आज दोनों मुख्यमंत्री एक साथ अपना पक्ष रख रहे हैं इसलिए अलग-अलग बयानबाजी नहीं होगी। हम चाहते हैं कि इस विवाद का हल निकले। यह कई दशकों से चला आ रहा है। इसके निपटारे के लिए सकारात्मक प्रयास नहीं हुए हैं। मान ने कहा कि उन्होंने भी अपने अधिकारियों को नियमित बैठकें करने के निर्देश जारी किए हैं। इसके लिए जरूरत पड़ने पर महीने में तीन से चार बैठकें भी की जाएं। अधिकारी मुख्यमंत्री को रिपोर्ट करेंगे। अधिकारियों को कहा गया है कि वह किसी के हितों को आहत न होने दें। मान ने एसवाईएल के निर्माण के मुद्दे पर कहा कि पहले पानी की उपलब्धता और वितरण पर एक राय कायम होना जरूरी है।

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