हरियाणा में कानून-व्यवस्था पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सख्त चेतावनी: थाना स्तर तक तय होगी जवाबदेही, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि

हरियाणा में कानून-व्यवस्था पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सख्त चेतावनी: थाना स्तर तक तय होगी जवाबदेही, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि
नई दिल्ली/चंडीगढ़, 11 जुलाई 2025 —
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने राज्य में अपराध नियंत्रण को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कानून-व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब केवल जिला स्तर नहीं, बल्कि प्रत्येक थाने की जवाबदेही तय की जाएगी, और यदि कहीं भी अपराध बढ़ते हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
करीब चार घंटे चली इस अहम बैठक में मुख्यमंत्री ने फिरौती, नशा तस्करी, महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा, पुलिस की कार्यशैली और जन शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की और कड़े निर्देश जारी किए।
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा, “हर थाना क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए। अपराधों की रियल-टाइम रिपोर्टिंग, विश्लेषण और तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जाए, ताकि पुलिस अधिक प्रभावी और उत्तरदायी बन सके।”
महिलाओं की सुरक्षा: प्राथमिकता में शीर्ष
मुख्यमंत्री ने महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिया कि कन्या विद्यालयों, महाविद्यालयों तथा हॉटस्पॉट क्षेत्रों में नियमित पेट्रोलिंग की जाए। छुट्टी के समय विशेष निगरानी और संवाद से छात्राओं को सतर्क किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि दुर्गाशक्ति फोर्स जैसी महिला विशेष सुरक्षा टीमें संवेदनशील स्थानों पर सक्रिय रहें।
नशे के खिलाफ "ज़ीरो टॉलरेंस" नीति
राज्य में बढ़ते नशे के मामलों पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में NDPS मामलों की जांच और अभियोजन की निगरानी की जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए समन्वित अभियान चलाया जाए और ‘नशामुक्त हरियाणा’ के लक्ष्य को शीघ्र प्राप्त किया जाए। नशा तस्करी से जुड़े अपराधियों पर सख्त कार्रवाई का आदेश दिया गया है।
फिरौती और वसूली पर सख्त रुख
मुख्यमंत्री ने फिरौती और रंगदारी के मामलों को लेकर पुलिस को अलर्ट रहने के निर्देश दिए और कहा कि "ऐसे मामलों को किसी भी सूरत में नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।" उन्होंने हर जिले में ‘एक्सटॉर्शन सेल’ बनाने का निर्देश दिया, जो जबरन वसूली के मामलों की त्वरित और निष्पक्ष जांच करेगी।
शिकायतकर्ता को मिले समयबद्ध न्याय
जन संवाद पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की गंभीरता से समीक्षा की जाए और शिकायतकर्ताओं को शीघ्र न्याय मिले, यह सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक शिकायत की प्राथमिकता के आधार पर मॉनिटरिंग हो और उसकी प्रगति नियमित रूप से पोर्टल पर अपडेट की जाए।
पुलिसकर्मियों के अनुशासन पर भी सख्त रुख
मुख्यमंत्री ने पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए कि यदि कोई पुलिसकर्मी वर्दी में शराब पीते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस का आचरण जनता में विश्वास बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है और अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस की छवि हो जनसेवा की प्रतीक
मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर और मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने भी अधिकारियों से कहा कि वे जन संवाद को प्राथमिकता दें और फील्ड में जाकर लोगों की समस्याएं सुनें। इससे प्रशासन की छवि मजबूत होगी और जनता का भरोसा भी बढ़ेगा।
बैठक में पुलिस महानिदेशक श्री शत्रुजीत कपूर, महाधिवक्ता हरियाणा और वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में निर्णय लिया गया कि हर थाने में शिकायतकर्ता को तत्काल रिसिप्ट दी जाए, पारदर्शिता सुनिश्चित हो और समयबद्ध न्याय प्रक्रिया का पालन हो।
हरियाणा सरकार के इस सशक्त, समग्र और संवेदनशील रवैये से स्पष्ट है कि राज्य में अब अपराध और लापरवाही के लिए कोई स्थान नहीं है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की यह बैठक जन सुरक्षा, जवाबदेही और पारदर्शिता के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकती है।





