दिखा सौहार्द, हिन्दुओं ने नहीं बजाई लाउडस्पीकर और मुसलमान करते रहे पूरी रात इबादत
रांची। रविवार को पॉम संडे खजूर पर्व, शब-ए-बरात और होलिका दहन एक साथ मनाया गया। दूसरे दिन सोमवार को होली भी धूमधाम के साथ खेली गई। इस दो दिवसीय पर्व में सौहार्द, एकता, भाईचारगी का मिशाल देखने को मिला । सरकार द्वारा दिये गये निर्देश कोविड-19 के गाइडलाइन अनुसार होलिका दहन, पॉम संडे , शब-ए-बरात और होली ये तीनों पर्व रांची जिला में लगे धारा 144 के बीच शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। पॉम संडे में चर्चा में मास्क व सैनिटाइजर के साथ लोग प्रार्थना सभा में शामिल हुए। होलिका दहन सभी चौक चौराहों में किया गया। दूसरी तरफ जैसे-जैसे सूरज डूब रहा था वैसे वैसे मुसलमान धर्मावलंबी आपने मस्जिदों की और इबादत के लिए बढ़ रहे थे । होलिका दहन की भी तैयारी चल रही थी । सौहार्द और परिचय का देते हुए हिंदू भाईयों ने पहली बार होलिका दहन में गाने बजाने , डीजे,लौउडस्पीकर पूरी तरह से प्रतिबंध रखा। दूसरी तरफ मुसलमान भी पूरी रात मस्जिदों में इबादत करते रहें । इस तरह एक मिशाल देखने को रांची शहर में मिला। रांची जिला के आसपास से कहीं बड़ी हिंसक घटना की सूचनाएं नहीं आई और ना ही किसी ने लाउडस्पीकर फुहड़ता गानों को लेकर शिकायत दर्ज कराई । सोमवार को भी धूमधाम से होली खेली गई । सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम देखे गए थे। होलिका दहन के दिन चौक चौराहों में भी पुलिस सुरक्षा में तैनात थे। रातों में मुस्लमानों के कब्रिस्तानों के पास भी पुलिस के जवान तैनात रहे। पूरे शहर में डांगराटोली,कांटा टोली चौक, शहीद अल्बर्ट एक्का चौक, लालपुर चौक, कोकर चौक ,रातू रोड चौक, बूटी मोड, पिस्का मोड, अपर बाजार, किशोरगंज चौक,सहजानंद चौक,हटिया, बिरसा चौक, नामकुम,लोवाडीह, चुटिया,बहू बाजार के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी होलिका दहन, शब-ए-बरात शांतिपूर्ण तरीका से के साथ मनाया गया। शब-ए- बरात के दिन कांटाटोली कब्रिस्तान,डोरंडा कब्रिस्तान,मनीटोला कब्रिस्तान, रातू रोड कब्रिस्तान, बरियातू कब्रिस्तान, कांके कब्रिस्तान, पिठोरिया, मैक्लुस्कीगंज, खिलारी सभी मस्जिदों और कब्रिस्तानों को आकर्षक लाइटों से सजाया गया था। लोग कब्रिस्तान में पहुंच कर अपने पूर्वजों के लिये फातिहा पढ़े। दूसरे दिन होली भी खूब खेली गई । रंग, गुलाल, अबीर भी खूब उड़ाए गए । एक दूसरे को लगाकर होली की बधाई दी शुभकामनाएं दी।





