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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:24 · नई दिल्ली संस्करण

डीएम ने किए दरगाह प्रबंधक रजिया बेग के वित्तीय अधिकार निलंबित

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
डीएम ने किए दरगाह प्रबंधक रजिया बेग के वित्तीय अधिकार निलंबित

हरिद्वार। पिरान कलियर शरीफ की दरगाह प्रबंधक रजिया बेग पर गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोपों को लेकर जिलाधिकारी ने मयूर दीक्षित ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही उनके सभी वित्तीय अधिकारों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।दरअसल, यह कार्रवाई उत्तराखंड वक्फ बोर्ड, देहरादून के मुख्य कार्यपालक अधिकारी की 28 अक्टूबर 2025 की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। रिपोर्ट में रजिया बेग के कार्यकाल में ठेकों की प्रक्रिया, वसूली व्यवस्था और लेखांकन प्रणाली में गंभीर गड़बड़ियों का खुलासा हुआ है। जांच में पाया गया कि ई-निविदा की शर्तों की अनदेखी कर ठेके स्वीकृत किए गए तथा परफॉर्मेंस सिक्योरिटी राशि वसूले बिना ठेकेदारों को चार्ज सौंपा गया। इस लापरवाही के चलते दरगाह को प्रत्यक्ष वित्तीय नुकसान हुआ है।रिपोर्ट के अनुसार, दो ठेकेदारों से 10,88,578 की धनराशि अब तक प्राप्त नहीं हुई है, जबकि अन्य ठेकेदारों से 2,33,98,999 रुपये की बकाया राशि की वसूली भी नहीं की गई। जांच अधिकारी ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही और वित्तीय अनियमितता बताया है। इसके अतिरिक्त, दरगाह के बैंक खातों में 2 लाख रुपये से अधिक की नकद राशि जमा कराई गई है, जो आयकर अधिनियम एवं विभागीय नियमों का उल्लंघन है। साथ ही स्टॉक रजिस्टर और लेखा पुस्तकों में गड़बड़ी, नकद प्राप्तियों व वास्तविक आय में असंगति, तथा ठेकेदारों की अनियमितताओं को छिपाने के प्रयास भी उजागर हुए हैं। इन गंभीर आरोपों को देखते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि अब से दरगाह से संबंधित कोई भी भुगतान, अनुबंध या नकद लेनदेन रजिया बेग के माध्यम से नहीं किया जाएगा।दरगाह की संपूर्ण वित्तीय एवं प्रशासनिक निगरानी की जिम्मेदारी अब संयुक्त मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचंद्र शेट को सौंपी गई है। संयुक्त मजिस्ट्रेट ने बताया कि रजिया बेग को नोटिस की प्राप्ति के एक सप्ताह के भीतर लिखित स्पष्टीकरण और संबंधित अभिलेखों सहित उत्तर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया तो उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी तथा दरगाह को हुए वित्तीय नुकसान की वसूली की प्रक्रिया भी आरंभ की जाएगी।

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