गुरुग्राम: लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले कॉल सेंटर का पर्दाफाश
गुरुग्राम, । लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक कॉल सेंटर का
गुरुग्राम पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस सेंटर से 15 लड़कियों समेत 17
आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सहायक पुलिस आयुक्त साइबर अपराध
प्रियांशु दीवान ने रविवार को बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है,
ताकि ऐसे और भी फर्जीवाड़े का खुलासा हो सके।
पुलिस को
गुप्त सूचना मिली थी कि स्पेज आईटी पार्क सेक्टर-49 से अवैध/फर्जी तरीके से
कॉल सेंटर चलाकर लोन दिलाने के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी की जाती है। थाना
साईबर अपराध दक्षिण के प्रबंधक निरीक्षक मनीष कुमार की पुलिस टीम ने
तकनीकी सहायता से इस कॉल सेंटर पर छापेमारी की। छापेमारी में वहां मौजूद
स्टाफ का कोई भी काम वैध नहीं पाया गया। मौके पर पुलिस टीम द्वारा जांच में
यह साबित हो गया कि इस कॉल सेंटर के माध्यम से फर्जीवाड़ा करके लोगों को
लोन दिलाने के नाम पर ठगी की जाती है। पुलिस टीम द्वारा कॉल सेंटर से 15
लड़कियों सहित कुल 17 आरोपियों को काबू किया। आरोपियों की पहचान फुजैल
निवासी मरिया महल नई दिल्ली, फैजल निवासी मेरठ वर्तमान में सेक्टर-69
गुरुग्राम, राधा निवासी गुरुग्राम, अनुष्का सिंह निवासी इन्द्रा कालोनी
सेक्टर-51 गुरुग्राम, प्रिया निवासी फाजिलपुर झाड़सा गुरुग्राम, सर्वजीत व
प्रीति निवासी दरबारी रोड बादशाहपुर, आंचल निवासी किरणकी खेड़ली सोहना,
सानिया निवासी वैस्ट विनोद नगर नई दिल्ली, मुस्कान निवासी इस्लामपुर
गुरुग्राम, अनीता निवासी साउथ सिटी-2 इस्लामपुर गुरुग्राम, 12. अजंली
निवासी टीकली रोड बादशाहपुर, सिवानी निवासी टीकली रोड बादशाहपुर गुरुग्राम,
मनीषा निवासी मारूति कुन्ज भौण्डसी, रीना निवासी कृष्णा कुन्ज भौण्डसी,
काजल निवासी बादशाहपुर व अजंली निवासी बादशाहपुर के रूप में हुई है। पुलिस
टीम द्वारा आरोपियों के खिलाफ थाना साईबर अपराध दक्षिण, गुरुग्राम में केस
दर्ज किया गया है।
आरोपियों से पुलिस पूछताछ में पता चला
है कि आरोपी फैजल इस कॉल सेंटर में काम करने वालों का टीम लीडर है। इनका
मालिक एक अन्य व्यक्ति है। कॉल सेंटर के माध्यम से यह लोग आदित्य फाइनेंस
के नाम से जॉब/लोन देने के नाम पर धोखाधड़ी का काम करते थे। लोगों को कॉल
करने के लिए 15 लड़कियों को रखा गया था। आरोपियों से पुलिस पूछताछ में यह
भी पता चला है कि ठगी करने के लिए 10 से 20 हजार रुपये सेलरी तथा ठगी गई
राशि का 2 प्रतिश कमीशन मिलता था। आरोपी पिछले 6 माह से कॉल सेंटर को चला
रहे थे। इन आरोपियों द्वारा प्रतिमाह 12 से 14 लाख रुपए तक का फ्रॉड किया
जाता था। आरोपियों द्वारा ठगी में प्रयोग किए जा रहे 15 मोबाईल फोन व 3
लैपटॉप भी उनसे पुलिस ने बरामद किए हंै।





