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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:34 · नई दिल्ली संस्करण

गुरुग्राम: निवेश के नाम पर ढाई कराेड़ की साइबर ठगी, तीन आरोपी गिरफ्तार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
गुरुग्राम: निवेश के नाम पर ढाई कराेड़ की साइबर ठगी, तीन आरोपी गिरफ्तार

-दिल्ली से पकड़े गए आरोपियों के पास से 36 मोबाइल, 53 एटीएम कार्ड व 24 पासबुक बरामद

गुरुग्राम। निवेश के नाम पर एक व्यक्ति से 2.53 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गुरुग्राम पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

आरोपियों को दिल्ली से पकड़ा गया। सहायक पुलिस आयुक्त साइबर गौरव फोगाट ने गुरुवार को पत्रकार वार्ता में जानकारी दी कि आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, पासबुक और साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए हैं।पुलिस के अनुसार 18 मई 2026 को पुलिस थाना साइबर अपराध पश्चिम गुरुग्राम में एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी।

शिकायत में कहा कि निवेश के नाम पर उसके साथ लगभग 2.53 करोड़ रुपये की ठगी की गई। पीडि़त की शिकायत पर थाना साइबर पश्चिम में मामला दर्ज किया गया। सहायक पुलिस आयुक्त साइबर गौरव फोगाट के निर्देश पर निरीक्षक अमित की टीम ने तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल ट्रैकिंग के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया।

पकड़े गए आरोपियों की पहचान जनक (27 वर्ष) निवासी विवेक विहार दिल्ली, दिनेश कुमार (30 वर्ष) निवासी बावल रेवाड़ी और पवन कुमार (26 वर्ष) निवासी भूथन खुर्द फतेहाबाद के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी की राशि में से 15 लाख रुपये विभिन्न ट्रांजेक्शन के जरिए एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के बैंक खाते में ट्रांसफर कराए गए थे। उस खाते में चार मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड थे, जिनमें से एक नंबर दिल्ली में सक्रिय मिला। इसी आधार पर पुलिस ने आरोपियों तक पहुंच बनाई।

मिलता था 25 हजार महीना वेतन व ठगी की राशि में से बोनस

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अपने साथियों के निर्देश पर ठगी की राशि को विभिन्न खातों में ट्रांसफर करने का काम करते थे। इसके बदले उन्हें 25 हजार रुपये महीना वेतन और ठगी की राशि में से बोनस मिलता था। आरोपियों का संपर्क अन्य साइबर ठगों से टेलीग्राम के जरिए हुआ था और वे पिछले 6 महीने से इस तरह की वारदातों में शामिल थे।

पुलिस ने आरोपियों के पास से 36 मोबाइल फोन, 53 एटीएम कार्ड, विभिन्न बैंकों की 24 पासबुक, पांच चेकबुक, दो आईपी कैमरा और ठगी में इस्तेमाल बैंक खाते से जुड़े मोबाइल नंबर बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि बरामद आईपी कैमरे आमतौर पर सिम बॉक्स और साइबर अपराध की गतिविधियों की निगरानी के लिए इस्तेमाल होते हैं। पुलिस अब आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेगी, ताकि उनके अन्य साथियों, पूरे साइबर ठगी नेटवर्क और अन्य मामलों में संलिप्तता के बारे में जानकारी मिल सके।

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