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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:08 · नई दिल्ली संस्करण

यमुनानगर : जिले के सभी होटल-गेस्ट हाउस को मेहमानों का विवरण पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
यमुनानगर : जिले के सभी होटल-गेस्ट हाउस को मेहमानों का विवरण पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य

यमुनानगर। जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रशासन ने होटल, गेस्ट हाउस और अन्य आवासीय प्रतिष्ठानों के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। जिलाधीश प्रीति ने शुक्रवार को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी करते हुए कहा है कि जिले में संचालित सभी होटल, लॉज, धर्मशाला, होमस्टे और अन्य ठहराव सुविधाओं को अपने यहां आने वाले प्रत्येक आगंतुक का पूरा विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज करना होगा।प्रशासन के अनुसार यह पाया गया है कि कई प्रतिष्ठान पूर्व में दिए गए मौखिक और लिखित निर्देशों के बावजूद पोर्टल पर अपना पंजीकरण नहीं करा रहे हैं। इसके अतिरिक्त कई स्थानों पर ठहरने वाले मेहमानों की जानकारी समय पर अपडेट नहीं की जा रही है, जिससे सत्यापन प्रक्रिया प्रभावित होती है और सुरक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। जिलाधीश ने निर्देश दिए हैं कि यदि कोई होटल, गेस्ट हाउस या अन्य आवासीय सुविधा अब तक हरसमय पोर्टल पर पंजीकृत नहीं है तो उसे तत्काल पंजीकरण कराना होगा। इसके साथ ही परिसर में ठहरने वाले सभी आगंतुकों का नाम, पहचान संबंधी जानकारी और अन्य आवश्यक विवरण प्रतिदिन पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगंतुकों का सटीक रिकॉर्ड और उसका समय पर डिजिटल अद्यतन सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी और अपराध की रोकथाम में सहायता मिलती है। आदेश में यह भी कहा गया है कि यह निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। स्थिति की तात्कालिकता को देखते हुए इसे एकतरफा आदेश के रूप में पारित किया गया है।जिलाधीश ने पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए हैं कि आदेश का जिले में कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए। यदि कोई संचालक इन निर्देशों की अनदेखी करता पाया गया तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 सहित अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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