कृषि कानून के किसी प्रावधान से कोई आपत्ति है तो सरकार बात करने को है तैयार : नरेंद्र सिंह तोमर
कृषि मंत्री ने कहा कि देश का एक बड़ा वर्ग इन कानूनों के समर्थन में खड़ा है। फिर भी अगर किसानों को कानून के किसी प्रावधान से कोई आपत्ति है तो सरकार उनकी बात सुनने उनसे चर्चा करने और उस पर काम करने को तैयार है।
नई दिल्ली : किसानों से विरोध प्रदर्शन खत्म करने व सरकार से बातचीत को लेकर केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने एक बार फिर आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि मैं सभी किसान संघों से अपना आंदोलन समाप्त करने का आग्रह करता हूं। सरकार ने उनके साथ 11 दौर की बातचीत की थी। कृषि विधेयक किसानों के जीवन में सुधार लाएगा। भारत सरकार ने एमएसपी बढ़ाने और एमएसपी पर अधिक खरीद की दिशा में काम किया है। देश का एक बड़ा वर्ग इन कानूनों के समर्थन में खड़ा है। फिर भी अगर किसानों को कानून के किसी प्रावधान से कोई आपत्ति है तो सरकार उनकी बात सुनने, उनसे चर्चा करने और उस पर काम करने को तैयार है।
किसान संगठन, तीनों कृषि कानूनों को रद करने की मांग पर अड़े हुए हैं जबकि सरकार का कहना है कि वह जरूरत के अनुसार इसमें सुधार कने के लिए तैयार है। केंद्र सरकार ने कई बार संकेत दिए हैं कि किसान संगठनों को सिर्फ इन कानूनों को रद करने से इतर कानूनी बिंदुओं पर बात करनी चाहिए, तभी बात आगे बढ़ सकती है।
देश में तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। इस बीच, एक बार फिर से किसान आंदोलन को तेज करने की कवायद की जा रही है। इसको लेकर किसान 26 जून को देशभर के राजभवन पर विरोध प्रदर्शन करने जा रहे हैं। किसानों की तरफ से ऐलान किया गया है कि 26 जून को देश के सभी राज्यपालों के घर (राजभवन) के बाहर धरना प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े सभी किसान 26 जून को देश भर में राजभवनों के बाहर प्रदर्शन करेंगे और इस दिन को 'खेती बचाओ, लोकतंत्र बचाओ दिवस' के रूप में मनाएंगे।





