झारखंड में आठ साल बाद जेटीईटी अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी, जैक ने शुरू की आवेदन प्रक्रिया
रांची,। राज्य में करीब आठ साल बाद शिक्षक पात्रता परीक्षा
आयोजित की जाएगी। झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने परीक्षा प्रक्रिया शुरू
कर दी है। इसको लेकर दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
जैक की ओर
से जारी विज्ञप्ति के अनुसार झारखंड प्री-टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट
(जेटीईटी) के लिए 23 जुलाई से 22 अगस्त तक आवेदन जमा किए जाएंगे। आवेदन
झारखंड जैक की वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन जमा किए जाएंगे। जारी विज्ञप्ति के
अनुसार कक्षा 1 से 5 और 6 से 8 के लिए अलग-अलग परीक्षाएं होंगी। गौरतलब है
कि राज्य में शिक्षक पात्रता परीक्षा 2016 में आयोजित की गई थी।
जैक
की ओर से शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसमें प्राथमिक कक्षा
एक से पांच और उच्च प्राथमिक कक्षा 6 से 8 के लिए दो घंटे 30 मिनट की
परीक्षा होगी। इस परीक्षा में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी को न्यूनतम 60
प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य होगा। अनुसूचित जाति के लिए 50 प्रतिशत,
अनुसूचित जनजाति के लिए 50 प्रतिशत, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 55 प्रतिशत,
पिछड़ा वर्ग के लिए 55 प्रतिशत और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 55
प्रतिशत तथा दिव्यांग श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए 50 प्रतिशत अंक लाना
अनिवार्य होगा। शिक्षक पात्रता परीक्षा में राज्य सरकार द्वारा उल्लेखित 15
भाषाओं में से किसी एक में परीक्षा देना अनिवार्य होगा।
700 से 1300 रुपये तक शुल्क
अभ्यर्थियों
को आवेदन करने के लिए 700 रुपये से लेकर 1300 रुपये तक शुल्क देना होगा।
सामान्य जाति, अत्यंत पिछड़ा, पिछड़ा व आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के
अभ्यर्थियों को 1300-1300 रुपये, अनसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और
दिव्यांग कोटि के अभ्यर्थियों को 700-700 रुपये और आदिम जनजाति के
अभ्यर्थियों के लिए 500 रुपये का शुल्क लगेगा। अगर प्राइमरी और अपर
प्राइमरी के टेट के लिए आवेदन करते हैं तो सामान्य, अत्यंत पिछड़ा, पिछड़ा व
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थियों को 1500-1500 रुपये, अनसूचित
जनजाति, जाति वदिव्यांग कोटि के अभ्यर्थियों को 800-800 और आदिम जनजाति के
अभ्यर्थियों के लिए 600 रुपये का शुल्क लगेगा।
2013 व 2016 में ली गई थी परीक्षा
झारखंड
में इससे पहले 2013 और 2016 में शिक्षक पात्रता परीक्षा हुई थी। 2013 में
68 हजार अभ्यर्थी सफल हुए थे, जबकि 2016 में 53 हजार परीक्षार्थी पास हुए
थे। 2013 में सफल टेट अभ्यर्थी 2015-18 की नियुक्ति प्रक्रिया में शिक्षक
बन गए हैं, लेकिन 2016 के सफल अभ्यर्थी अब तक इस आधार पर शिक्षक नहीं बन
सके हैं। वर्तमान में सहायक आचार्य की नियुक्ति प्रक्रिया में वे शामिल हो
रहे हैं।
सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 60 अंक जरूरी
शिक्षक
पात्रता परीक्षा में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को न्यूनतम 60 अंक लाना
होगा। इसके अलावा हर पेपर में उन्हें कम से कम 40 अंक होने अनिवार्य हैं।
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, आदिम जनजाति और दिव्यांक कोटि के
अभ्यर्थियों को हर पेपर में कम से कम 30-30 अंक और ओवरऑल 50-50 अंक लाने
होंगे। इनके अलावा अत्यंत पिछड़ा व पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को हर पेपर
में न्यूनतम 35-35 अंक और ओवरऑल कम से कम 55-55 अंक लाने होंगे।
ओएमआर शीट पर ली जाएगी परीक्षा
शिक्षक
पात्रता परीक्षा ओएमआर शीट पर होगी। परीक्षा ढाई घंटे तक चलेगी। सभी
विषयों के प्रश्न ऑब्जेक्टिव और बहुविकल्पीय होंगे। इसमें नेगेटिव मार्किंग
नहीं होगी। ओएमआर शीट पर किसी प्रकार की छेड़छाड़ करने, गलत सूचना भरने और
गलत ओएमआर का उपयोग करने पर अभ्यर्थिता रद्द कर दी जाएगी। परीक्षा के बाद
ओएमआर शीट का पुनर्मूल्यांकन या फिर से जांच नहीं की जाएगी।





