मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · शाम 5:53 · नई दिल्ली संस्करण

हाईकोर्ट से गिरिडीह मेयर सुनील पासवान को मिली बड़ी राहत

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन

रांची। झारखंड उच्च न्यायालय से गिरिडीह नगर निगम के महापौर सुनील कुमार पासवान को सोमवार को बड़ी राहत मिल गयी है। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति आर. मुखोपाध्याय की खंडपीठ ने महापौर सुनील कुमार पासवान की अग्रिम जमानत दे दी है। उच्च न्यायालय में मेयर सुनील कुमार पासवान की जमानत याचिका पर पक्ष रख रहे अधिवक्ता विनोद सिंह ने बताया कि गिरिडीह के उपायुक्त की अनुशंसा पर उनके जाति प्रमाण पत्र को निरस्त करने की अनुशंसा की गयी थी। जबकि चुनाव लड़ने के लिए 2005 में ही पहली बार प्रशासन की ओर से उनका जाति प्रमाण पत्र जारी किया गया, बाद में 2010 और 2015 में भी उनका जाति प्रमाण पत्र निर्गत किया गया। इसके बाद 2016 में नयी स्थानीयता नीति बनने के बाद वर्ष 2018 में भी प्रशासन की ओर से जाति निर्गत किया गया और वे गिरिडीह के मेयर निर्वाचित हुए। अधिवक्ता विनोद िंसह ने बताया कि पूर्व में भी अदालत की ओर से उनके मुवक्किल को राहत दी गयी थी और अब अग्रिम जमानत मिल गयी है। उन्होंने बताया कि मेयर सुनील कुमार पासवान का जाति प्रमाण पत्र निरस्त करने और उन्हें पद से हटाने की जो प्रक्रिया शुरू की गयी है,उसे भी अदालत में चुनौती दी गयी है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें