गांधीनगर में फिर भगवा लहर, 44 में से 38 सीटें जीतीं, कांग्रेस 5, AAP का सूपड़ा साफ
गांधीनगर नगर निगम चुनाव में 44 सीटों पर मतगणना पूरी हो गई है। बीजेपी ने प्रचंड जीत हासिल करते हुए 38 सीटों पर कब्जा जमाया है, जबकि कांग्रेस 5 सीटों पर सिमट गई। एक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत दर्ज की। आम आदमी पार्टी का खाता भी नहीं खुला, हालांकि उसने 32 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। बीजेपी ने 8 वार्डों में क्लीन स्वीप किया, जबकि कांग्रेस ने वार्ड 6 में चारों सीटें जीतीं।

गुजरात की राजधानी गांधीनगर में बीजेपी ने एक बार फिर अपना दबदबा कायम रखा है। गांधीनगर नगर निगम (GMC) की 44 सीटों के लिए हुई मतगणना पूरी हो गई है। बीजेपी ने 38 सीटों पर प्रचंड जीत हासिल की है, जबकि कांग्रेस को 5 सीटों पर जीत मिली है और एक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी ने कब्जा जमाया है। आम आदमी पार्टी (AAP) का इस चुनाव में खाता भी नहीं खुला। गांधीनगर नगर निगम में 11 वार्ड हैं, हर वार्ड में 4 सीटें। कुल 44 सीटों के लिए रविवार, 11 अक्टूबर को मतदान हुआ था, जिसमें करीब 59.25 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। नगर निगम क्षेत्र में कुल 2.59 लाख मतदाता हैं। चुनाव में कुल 130 उम्मीदवार मैदान में थे, बीजेपी और कांग्रेस ने 44-44 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, जबकि AAP ने 32 सीटों पर चुनाव लड़ा था।
मतगणना मंगलवार सुबह 9 बजे से सेक्टर 15 स्थित गवर्नमेंट कॉमर्स कॉलेज में शुरू हुई थी। इस बार के नतीजों की सबसे बड़ी बात वार्ड-वाइज प्रदर्शन है। बीजेपी ने 8 वार्डों में पूरी पैनल के साथ जीत हासिल की, यानी इन वार्डों की चारों सीटें बीजेपी ने जीतीं। वहीं कांग्रेस ने वार्ड नंबर 6 में बड़ा उलटफेर करते हुए चारों सीटों पर जीत दर्ज कर क्लीन स्वीप किया। वार्ड नंबर 2 में बीजेपी की पैनल टूटी। यहां 4 में से 3 सीटें बीजेपी ने जीतीं और 1 सीट निर्दलीय प्रत्याशी दीपिकाबेन वाघेला ने जीत ली। वार्ड नंबर 7 में भी बीजेपी की पैनल टूट गई, जहां अनुसूचित जाति की रिजर्व सीट पर कांग्रेस के नगीनभाई नाडिया ने जीत हासिल की।
पिछली बार 2021 में हुए नगर निगम चुनाव में बीजेपी ने 44 में से 41 सीटों पर जीत हासिल की थी, कांग्रेस को 2 और आम आदमी पार्टी को 1 सीट मिली थी। इस बार बीजेपी की सीटें 41 से घटकर 38 रह गईं, लेकिन बहुमत अब भी प्रचंड है। कांग्रेस ने अपनी सीटें 2 से बढ़ाकर 5 कर ली हैं, जो उसके लिए मामूली बढ़त जरूर है। सबसे बड़ा झटका आम आदमी पार्टी को लगा है, जिसका पिछली बार 1 सीट पर खाता खुला था, इस बार वह शून्य पर रह गई। गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का संसदीय क्षेत्र है। ऐसे में यह चुनाव बीजेपी के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बना हुआ था। नतीजों ने साफ कर दिया है कि शहरी मतदाताओं में अब भी बीजेपी के प्रति भरोसा बरकरार है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की छवि, प्रदेश संगठन की मजबूती और स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को इस जीत की बड़ी वजह माना जा रहा है। कांग्रेस ने बेरोजगारी, महंगाई और स्थानीय मुद्दों को उठाया था, लेकिन वह वार्ड 6 को छोड़कर कहीं बड़ा उलटफेर नहीं कर पाई। AAP ने दिल्ली और पंजाब मॉडल के नाम पर प्रचार किया था, 32 उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन गुजरात की राजधानी में उसकी झाड़ू नहीं चल पाई। अब अगले कुछ दिनों में मेयर और डिप्टी मेयर के नामों का ऐलान किया जाएगा। बीजेपी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह एक बार फिर नगर निगम में अपने एजेंडे के साथ विकास कार्यों को आगे बढ़ाएगी।
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