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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:41 · नई दिल्ली संस्करण

फतेहाबाद पुलिस ने साइबर अपराध रोकने को बनाई नई तकनीक से लैस रणनीति

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
फतेहाबाद पुलिस ने साइबर अपराध रोकने को बनाई नई तकनीक से लैस रणनीति

फतेहाबाद। प्रदेश सरकार द्वारा 21 लाख रुपये तक के काम पंचायतों के जरिए करवाने की घोषणा को अब तक लागू न किए जाने से खफा जिलेभर के सरपंच मंगलवार को हरियाणा सरपंच एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष रणबीर गिल समैण के नेतृत्व में राज्यसभा सांसद सुभाष बराला से मिले और अपनी समस्याएं रखीं। उन्होंने कहा कि सरकार की घोषणा के अनुसार 21 लाख रुपए तक के काम के पैसे पंचायतों के खाते में आने चाहिए, मगर अभी भी टेंडर प्रक्रिया से काम हो रहे हैं। पंचायतों के खातों में पैसे नहीं आ रहे हैं, जबकि सरकार ने अनाउंस किया था कि 21 लाख रुपए तक के काम पंचायत अपने स्तर पर करवा सकती है। सरपंचों को पंचायत स्तर पर आ रही व्यावहारिक एवं तकनीकी समस्याओं को विस्तार से रखा और अपनी मांगों को लेकर एक लिखित मांगपत्र सौंपा। सांसद बराला ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा। सरकार पहले भी सरपंचों की कई मांगों को पूरा कर चुकी है और अब भी सभी व्यवहारिक मांगों को सहानुभूतिपूर्वक स्वीकार करके हल किया जाएगा। अब वे स्वयं इस मामले को सरकार तक पहुँचाकर ठोस समाधान करवाने का प्रयास करेंगे। बता दें कि इस समस्या को लेकर सरपंचों ने कुछ दिन पूर्व फतेहाबाद में उपायुक्त कार्यालय पर भी रोष जताया था। सरपंच एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष रणबीर गिल समैण ने कहा कि पहले पंचायतों की ओर से करवाए गए विकास कार्यों की पेमेंट भी अटकी पड़ी है। जलभराव के एरिया में पंचायतें अपने स्तर पर मिट्‌टी भरवाने जैसे कार्य करवा रही है, उसका पैसा भी रुका पड़ा था, तो डीसी से मिलकर ज्ञापन सौंपा गया। रणबीर गिल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने तो ऐलान किया हुआ है, पंचायतों को अधिकार दे रखे हैं।

मगर निचले स्तर के अधिकारी गड़बड़ कर रहे हैं। पंचायतों की दो-तीन किश्तें पेंडिंग हैं। गांवों में जलभराव हो रहा है। अगर कोई खर्चा करना पड़ जाए तो किसी भी पंचायत के पास पैसा नहीं है। राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार गांव-देहात के विकास को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और ग्रामीण क्षेत्र को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने के लिए अनेक योजनाएं लागू की जा रही हैं। सरकार की नीति स्पष्ट है कि गांवों का विकास ही देश की असली प्रगति है। सांसद बराला ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ग्रामीण बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और रोजगार के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य कर रही है।

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