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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 6:24 · नई दिल्ली संस्करण

फतेहाबाद जिले के 114 गांवों में बाढ़ का खतरा, प्रशासन ने बनाए तीन कंट्रोल रूम

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

फतेहाबाद, । उपायुक्त राहुल नरवाल ने अधिकारियों की टीम के साथ बाढ़

संभावित क्षेत्रों का दौरा कर निरीक्षण किया। उपायुक्त ने अयाल्की,

रतिया-बुढ़लाढा रोड पर बने पुल, घासवा हैड, चिम्मो साइफन, शक्करपूरा रंगोई

नाला, चांदपुरा साइफन, चांदपुरा बांध, रंगोई नाला साइफन, जोया नाला और

बलियाला हैड का निरीक्षण किया। उन्होंने बाढ़ से बचाव को लेकर किए गए

प्रबंधों की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

उपायुक्त ने 30 जून तक बाढ़ बचाव तथा जलभराव की निकासी से संबंधित कार्यों

को पूरा करने के भी निर्देश दिए।

उपायुक्त राहुल नरवाल ने

बुधवार को कहा कि जिले में मानसून के दस्तक देने के साथ ही प्रशासन द्वारा

बाढ़ राहत को लेकर सभी आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं। जिले में बाढ़ का

पानी किसी प्रकार का नुकसान ना पहुंचाए, इसके लिए प्रशासन ने संबंधित

विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटियां लगाकर उन्हें अलर्ट कर

दिया है, वहीं जिले में उपलब्ध संसाधनों को भी तैयारी पर रखा गया है। बाढ़

राहत के लिए लघु सचिवालय, रतिया तथा टोहाना में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए

हैं।

जिले की फतेहाबाद, रतिया, कुलां, जाखल व टोहाना तहसील के कुल

114 गांव ऐसे हैं, जहां बाढ़ आने का खतरा रहता है। उक्त सभी गावों में

रिंग बांध मजबूत करने के निर्देश उपायुक्त ने सभी बीडीपीओ को दिये। इसके

अलावा पिछले 3 सालों में बाढ़ राहत को सरकार व प्रशासन द्वारा काफी नए

निर्माण भी किए गए हैं ताकि खतरे वाले इलाके के लोगों को किसी प्रकार की

परेशानी ना हो।

उपायुक्त ने बताया कि बाढ़ रोकने के

लिए जिला में पिछले साल काफी काम हुए है। गांव खाबडा कलां और भीमेवाला में

पाइपलाइन ड्रेन का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा रंगोई नालों की

क्षमता भी बढ़ाई गई है। उपायुक्त ने बताया कि जिला प्रशासन के पास 13 डीजल

चालित पम्पसेट, बिजली चालित 83 पंपसेट, 39 वर्टिकल टरबाइन सहित लगभग 26

किलोमीटर की पाइपलाइन उपलब्ध हैं। रंगोई नाला की सफाई चल रही हैं। जिला में

13 ड्रेन है जिनकी सफाई का काम शुरू करवाया जा चुका है और 30 जून तक सफाई

कर ली जाएगी। उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि पिछली साल आई बाढ़ से सबक

लें और जहां कमी महसूस की गई थी उन्हें अब समय रहते दूर कर लिया जाए।

इस

अवसर पर प्रशिक्षणाधीन आईएएस आकाश, एसडीएम प्रतीक हुड्डा व जगदीश चंद्र,

डीएसपी जयपाल सिंह, डीआरओ राज कुमार, एसई ओपी बिशनोई, कार्यकारी अभियंता

केसी कंबोज, डिप्टी सीएमओ मेजर शरद टूली, डॉ. विष्णु दत्त, तहसीलदार सन्नी

दलाल, डीडीए डॉ. राजेश सिंह, डीडीएएच डॉ. सुखविंद्र सिंह, बीडीपीओ हुकमचंद,

ईओ राजेंद्र सोनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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