UPI ट्रांजेक्शन को लेकर वित्त मंत्री ने दिया बड़ा बयान, इन जगहों पर नहीं लगेगा कोई भी चार्ज

हाल ही में यूपीआई (UPI) पर चार्ज लगने की उड़ी खबरों के बाद वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि आम उपभोक्ताओं के बीच होने वाले सामान्य लेनदेन पूरी तरह से मुफ्त बने रहेंगे। किराने की दुकान, सब्जी विक्रेता, पेट्रोल पंप या ऑनलाइन शॉपिंग जैसे रोजमर्रा के भुगतान पर आम जनता को कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।
हाल के दिनों में डिजिटल ट्रांजेक्शन (Unified Payments Interface - UPI) पर चार्ज लगाने की खबरों ने देश के आम नागरिकों के बीच एक बड़ी चिंता पैदा कर दी है। डिजिटल पेमेंट क्रांति के बाद से भारत में चाय की दुकान से लेकर बड़े मॉल तक हर जगह छोटी-बड़ी खरीदारी के लिए यूपीआई एक अनिवार्य और मुफ्त माध्यम बन चुका है। ऐसे में 'यूपीआई पर चार्ज' लगने की चर्चा मात्र से लोगों की जेब पर पड़ने वाले असर को लेकर सवाल उठने लाजिमी हैं। इस बीच, वित्त मंत्री ने इन चर्चाओं पर स्पष्टीकरण देते हुए स्थिति को साफ किया है।
सरकार और वित्त मंत्रालय की ओर से स्पष्ट रूप से यह बात दोहराई गई है कि आम उपभोक्ताओं के बीच होने वाले पीयर-टू-पीयर (P2P) यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को पैसे भेजने और आम दुकानों पर मर्चेंट पेमेंट (P2M) के लिए यूपीआई सेवाएं पूरी तरह से मुफ्त बनी रहेंगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य देश में डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना और वित्तीय समावेश (Financial Inclusion) को मजबूत करना है। इसलिए, आम आदमी को दैनिक लेनदेन के लिए किसी भी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क देने की आवश्यकता नहीं है।
दैनिक लेनदेन रहेंगे मुफ्त: किराने की दुकान, सब्जी विक्रेता, पेट्रोल पंप या ऑनलाइन शॉपिंग पर किए जाने वाले सामान्य यूपीआई भुगतान पर कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लगेगा। आम आदमी की जेब पर इसका कोई सीधा नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
व्यावसायिक और चुनिंदा लेन-देन: कुछ विशेष प्रकार के मर्चेंट ट्रांजेक्शन या प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स (PPI) वॉलेट के जरिए होने वाले लेनदेन पर शुल्क से जुड़े नियम अलग हो सकते हैं, जिसका बोझ आमतौर पर सामान्य ग्राहकों के बजाय बड़े व्यापारियों या मर्चेंट्स पर होता है।
आम जनता के लिए राहत की बात यह है कि यूपीआई का इस्तेमाल पहले की तरह ही सुरक्षित, आसान और बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के जारी रहेगा। वित्त मंत्रालय के इस बयान के बाद उन अफवाहों पर विराम लग गया है, जिनमें सामान्य यूपीआई भुगतानों पर भारी चार्ज लगने की बात कही जा रही थी।





