मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:56 · नई दिल्ली संस्करण

GDP ग्रोथ पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बोलीं- 'वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की अर्थव्यवस्था...'

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
GDP ग्रोथ पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बोलीं- 'वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की अर्थव्यवस्था...'

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत स्थिति पर गहरा संतोष व्यक्त किया है, खासकर वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में हासिल 7.8 फीसदी की प्रभावशाली जीडीपी वृद्धि को रेखांकित करते हुए। उन्होंने इस उल्लेखनीय प्रगति को भारतीय नागरिकों की कठिन परिस्थितियों और वैश्विक चुनौतियों के बावजूद की गई कड़ी मेहनत का परिणाम बताया। सीतारमण ने जानकारी दी कि इस अवधि में विनिर्माण क्षेत्र में 9.2 फीसदी की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई और अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में सकारात्मक विकास देखा गया।

उन्होंने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में सुधार का श्रेय राज्यों के सहयोग को दिया, साथ ही सरकार द्वारा 1,000 से अधिक पुराने कानूनों को हटाने और लगभग 40,000 नियमों को सरल बनाने के प्रयासों का भी जिक्र किया। वित्त मंत्री ने एफसीएनआर जमा और विदेशी निवेश में वृद्धि को भारतीय बैंकिंग प्रणाली और अर्थव्यवस्था में बढ़ते भरोसे का स्पष्ट संकेत बताया। उन्होंने कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलों से अर्थव्यवस्था के सकारात्मक आंकड़ों को स्वीकार करने का आग्रह किया, यह कहते हुए कि राजनीतिक कारणों से भारतीय अर्थव्यवस्था की नकारात्मक तस्वीर पेश करना उचित नहीं है। सीतारमण ने स्वीकार किया कि कुछ क्षेत्रों में सुधार की गुंजाइश हो सकती है, लेकिन लगातार अच्छे आर्थिक आंकड़े भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति को दर्शाते हैं।

उन्होंने कच्चे तेल, पेट्रोलियम उत्पादों और उर्वरकों के आयात से जुड़ी चुनौतियों को भी स्वीकार किया, लेकिन जोर दिया कि भारतीय अर्थव्यवस्था वैश्विक परिस्थितियों के अनुसार खुद को लगातार ढाल रही है। उन्होंने आरबीआई के सकारात्मक आकलन का हवाला देते हुए विश्वास जताया कि सरकार हर चुनौती में भारत को लाभ की स्थिति में रखने के लिए काम करेगी। अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर, वित्त मंत्री ने पोलैंड, कतर, दक्षिण कोरिया और रूस के साथ सफल द्विपक्षीय बैठकों की जानकारी दी, जहां सभी देशों ने भारत के साथ संबंध मजबूत करने की इच्छा व्यक्त की।

उन्होंने कनाडा और अमेरिका में निवेशकों, पेंशन फंड और फंडिंग एजेंसियों के साथ मुलाकातों का भी जिक्र किया, जिन्होंने भारत में निवेश में गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने बताया कि आयात प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने के लिए कस्टम्स और बैंकिंग क्षेत्र में कई सुधार किए जा रहे हैं। 700 अरब डॉलर के विदेशी मुद्रा भंडार और डिजिटलीकरण, यूपीआई व क्यूआर कोड जैसी पहलों ने छोटे और मध्यम कारोबारों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचने में मदद की है, जो प्रधानमंत्री मोदी के 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें