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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:34 · नई दिल्ली संस्करण

फरीदाबाद:कारोबारियों की सूचनाएं गैंगस्टर को देने वाला व्यापारी गिरफ्तार

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
फरीदाबाद:कारोबारियों की सूचनाएं गैंगस्टर को देने वाला व्यापारी गिरफ्तार

फरीदाबाद। शहर के कई कारोबारियों को विदेशी नंबरों से मिली रंगदारी की धमकियों के मामले में पुलिस जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि कारोबारियों की निजी जानकारी एक स्थानीय व्यापारी द्वारा इकट्ठा कर खुफिया विभाग के एक कर्मचारी तक पहुंचाई गई थी। जहां से यह सूचना गैंगस्टरों तक पहुंच गई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

शहर में एक महीने पहले एक के बाद एक आठ कारोबारियों के पास विदेशी नंबर से रंगदारी की कॉल आई थी। काल करने वाले ने खुद को गैंगस्टर रणदीप मलिक-लारेंस बिश्नोई गिरोह का सदस्य बताया था। इस तरह लगातार कॉल से पुलिस भी सकते में आ गई। कारोबारियों को सुरक्षा प्रदान कर दी गई। सेक्टर आठ थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने कॉल को ट्रेस करना शुरू कर दिया और यह लगभग तय हो गया कि रंगदारी विदेश में बैठे गैंगस्टर रणदीप मलिक ने ही मांगी है। इसके बाद पुलिस के सामने उस व्यक्ति को ढूंढने की चुनौती थी जिसने कारोबारियों के नंबर और नाम पते गैंग्सटरों तक पहुंचाए।

पुलिस लगातार तकनीक के आधार पर मोबाइल नंबरों को खंगाल रही थी, इसी दौरान एक क्लू मिला। दरअसल, इस मामले का मुख्य सूत्रधार सेक्टर नौ निवासी व्यापारी दीपक गोयल अपने कारोबारी मित्रों के साथ रात में पार्टी कर रहा था। इस दौरान रंगदारी मांगे जाने की बात छिड़ गई।

दीपक गोयल ने वहां मौजूद व्यापारी और कारोबारियों के बीच कह दिया कि रंगदारी नहीं दी तो जल्दी दूसरा बम फूटेगा। यह बात वहां मौजूद किसी कारोबारी ने पुलिस तक पहुंचा दी। पुलिस ने दीपक गोयल पर नजर रखना शुरू कर दिया। उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं तो हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने बता दिया कि उसने ही आईबी के सब इंस्पेक्टर सिकंदर को शहर के कारोबारियों की डिटेल दी थी। सिकंदर ने यह डिटेल आगे गैंगस्टर तक पहुंचाई। जिसके बाद रंगदारी मांगे जाने का सिलसिला शुरू हुआ।

फिलहाल दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर पुलिस जेल भेज चुकी है। दीपक गोयल फतेहपुर बिल्लोच गांव का रहने वाला है और उनका ईंट-भट्टों का पुराना काम है। शुरुआत में दीपक गोयल की आर्थिक स्थिति ठीक थी। उसने रियल एस्टेट ग्रुप एसआरएस और पीयूष में काफी पैसा निवेश किया था। साल 2015 के आस-पास इन दोनों ग्रुप को तगड़ा झटका लगा और दोनों डूब गए।

इससे दीपक की आर्थिक हालत भी खराब हो गई और उसके ऊपर कर्जा हो गया। कर्जे से बाहर आने के लिए वह गलत रास्ते पर चल पड़ा। कुछ समय पहले जुआ खिलवाने में भी उसका नाम सामने आया था। एक प्लाट की खरीद बिक्री के सिलसिले में उसकी पहचान आईबी के सब इंस्पेक्टर सिकंदर से हुई थी। वहीं से दोनों के बीच गहरी दोस्ती हो गई।

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