मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:21 · नई दिल्ली संस्करण

हरियाणा सरकार का फैसला : अब कचरे से बनेगा ग्रीन चारकोल

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

फरीदाबाद,। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय

ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर की उपस्थिति में शनिवार को एनटीपीसी विद्युत

व्यापार निगम लिमिटेड (एनवीवीएनएल) और हरियाणा सरकार के बीच एक करार हुआ

है। गुरुग्राम और फरीदाबाद नगर निगम के साथ हुए इस समझौते में कचरे से

ग्रीन चारकोल बनाने वाले संयंत्र की स्थापना की जाएगी।

विधानसभा

चुनाव से पहले इस संयंत्र को मुख्यमंत्री सैनी की ओर से फरीदाबाद और

गुरुग्राम को तोहफा भी माना जा रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह

सैनी ने कहा कि आज हरियाणा के लिए बहुत खुशी की बात है कि गुरुग्राम और

फरीदाबाद नगर निगम और एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम लिमिटेड के बीच एक

समझौता हुआ है। इसके जरिए कूड़े से हरित चारकोल बनाने के प्लांट लगाए

जाएंगे। ये प्लांट गुरुग्राम और फरीदाबाद में 1500-1500 टन क्षमता के

ग्रीन चारकोल प्लांट लगाए जाएंगे। इन प्लांट पर करीब 500-500 करोड़ रुपये

की लागत आएगी।

नायब सिंह सैनी ने बताया कि ये संयंत्र गुरुग्राम के

बंदवाड़ी और फरीदाबाद के मोठुका में लगाया जाएगा। इसके लिए दोनों नगर

निगमों द्वारा 20-20 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई जा रही है। इसका निर्माण कार्य

लगभग 30 महीने में पूरा हो जाएगा। इससे फरीदाबाद और गुरुग्राम में कचरे का

पहाड़ नहीं दिखेगा। लोगों को स्वच्छ हवा नसीब हो पाएगी। यह पीएम मोदी की

दूरदर्शिता का ही नतीजा है। उन्होंने बताया कि कचरे की छंटाई करके उसे इन

संयंत्रों में भेजा जाएगा, ताकि ग्रीन चारकोल बनाया जा सके। ग्रीन चारकोल

का इस्तेमाल खनिज कोयले के साथ ईंधन के रूप में किया जाएगा। इससे खनिज

कोयले की खपत कम होगी। यह ग्रीन हाऊस गैस को भी कम करेगा। इसका बिजली

उत्पादन के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें