हरियाणा सरकार का फैसला : अब कचरे से बनेगा ग्रीन चारकोल
फरीदाबाद,। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय
ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर की उपस्थिति में शनिवार को एनटीपीसी विद्युत
व्यापार निगम लिमिटेड (एनवीवीएनएल) और हरियाणा सरकार के बीच एक करार हुआ
है। गुरुग्राम और फरीदाबाद नगर निगम के साथ हुए इस समझौते में कचरे से
ग्रीन चारकोल बनाने वाले संयंत्र की स्थापना की जाएगी।
विधानसभा
चुनाव से पहले इस संयंत्र को मुख्यमंत्री सैनी की ओर से फरीदाबाद और
गुरुग्राम को तोहफा भी माना जा रहा है। इस दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह
सैनी ने कहा कि आज हरियाणा के लिए बहुत खुशी की बात है कि गुरुग्राम और
फरीदाबाद नगर निगम और एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम लिमिटेड के बीच एक
समझौता हुआ है। इसके जरिए कूड़े से हरित चारकोल बनाने के प्लांट लगाए
जाएंगे। ये प्लांट गुरुग्राम और फरीदाबाद में 1500-1500 टन क्षमता के
ग्रीन चारकोल प्लांट लगाए जाएंगे। इन प्लांट पर करीब 500-500 करोड़ रुपये
की लागत आएगी।
नायब सिंह सैनी ने बताया कि ये संयंत्र गुरुग्राम के
बंदवाड़ी और फरीदाबाद के मोठुका में लगाया जाएगा। इसके लिए दोनों नगर
निगमों द्वारा 20-20 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई जा रही है। इसका निर्माण कार्य
लगभग 30 महीने में पूरा हो जाएगा। इससे फरीदाबाद और गुरुग्राम में कचरे का
पहाड़ नहीं दिखेगा। लोगों को स्वच्छ हवा नसीब हो पाएगी। यह पीएम मोदी की
दूरदर्शिता का ही नतीजा है। उन्होंने बताया कि कचरे की छंटाई करके उसे इन
संयंत्रों में भेजा जाएगा, ताकि ग्रीन चारकोल बनाया जा सके। ग्रीन चारकोल
का इस्तेमाल खनिज कोयले के साथ ईंधन के रूप में किया जाएगा। इससे खनिज
कोयले की खपत कम होगी। यह ग्रीन हाऊस गैस को भी कम करेगा। इसका बिजली
उत्पादन के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।





