मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · शाम 6:35 · नई दिल्ली संस्करण

नटवरलाल के नाम से फेमस बसंत कुशवाहा ने मांगी दो लाख की रंगदारी

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

रामगढ़। रामगढ़ जिले में नटवरलाल के नाम से फेमस बसंत कुशवाहा दो लाख की रंगदारी मामले में गिरफ्तार हुआ है। उसने गोला के छत्रटांड़ निवासी संजय कुमार कुशवाहा से रंगदारी मांगी थी रंगदारी नहीं देने पर उसने गला काट देने की धमकी भी दी। सोमवार को थाना प्रभारी धनंजय प्रसाद ने बताया कि बसंत कुशवाहा का आपराधिक इतिहास रहा है। वह कई लोगों से रंगदारी मांग चुका है। 4 दिन पहले उसने अपने गांव नोनिया टोला निवासी संजय कुमार कुशवाहा से भी 2 लाख की रंगदारी मांगी थी। साथ में हुई बसंत कुशवाहा ने अपने भाई भगीरथ कुशवाहा के साथ मिलकर संजय कुशवाहा अर्ध निर्मित मकान का काम रुकवा दिया था। इस मामले में संजय कुशवाहा ने रंगदारी और जान से मारने की धमकी देने के प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बसंत कुशवाहा को गिरफ्तार किया और उसे जेल भेज दिया।

पिछले वर्ष भी गिरफ्तार हुआ था बसंत कुशवाहा

बसंत कुमार कुशवाहा पिछले वर्ष अक्टूबर महीने में भी गिरफ्तार हुआ था। उसे गिरफ्तार करने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी।

पुलिस को उसकी शक्ल पहचानने के लिए एक स्पेशल टीम बनानी पड़ी थी। इसके बाद उसे बेहद नाटकीय ढंग से गोला के डीवीसी चौक के पास पकड़ा गया था। थाना प्रभारी धनंजय प्रसाद ने बताया कि गोला के नोनिया टोला निवासी बसंत कुशवाहा पिछले कई वर्षों से ठगी का धंधा कर रहा था। आम लोगों को कभी जमीन के नाम पर, तो कभी रंगदारी के नाम पर ठगता रहता था। यहां तक कि उसने अधिकारियों को भी नहीं छोड़ा। उसने कई अंचलाधिकारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी अपनी जाल में फांसा था। इसके बाद उन्हें ब्लैकमेल कर हर महीने रकम भी वसूलता था।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें