मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:27 · नई दिल्ली संस्करण

जींद : पशु चिकित्सकों ने काले बिल्ले लगाकर किया काम

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
जींद : पशु चिकित्सकों ने काले बिल्ले लगाकर किया काम

जींद। गत दिनों पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल द्वारा पशुपालन विभाग को डंगर महकमा कह कर संबोधित किए जारे के रोष स्वरूप हरियाणा स्टेट वेटरनरी एसोसिएशन के आह्वान पर पशु चिकित्सकों ने सोमवार को काले बिल्ले लगा कर काम किया और रोष जताया।एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव डा. विजय कादियान ने कहा कि पूर्व मंत्री द्वारा विभाग में पूर्व में कार्यरत डा. हरीश वशिष्ठ को डांगर महकमे में एक मामूली अधिकारी कहकर लज्जित किया गया।पशुपालन विभाग को डंगर महकमा कह कर संबोधित किया गया। जिसकी एसोसिएशन निंदा करती है। उन्होंने कहा कि कि पूर्व मंत्री को शब्दों की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए था। आज प्रदेशभर में सभी पशु चिकित्सकों ने काले बिल्ले लगाकर अपना रोष प्रकट किया है। डा. कादयान ने बताया कि पशु चिकित्सक सरकार की पशु कल्याण की नीतियों को पशुपालक के घर द्वार तक पहुंचाने में अग्रणी भूमिका निभाते हैं। इस तरह के अनर्गल बयान पशु चिकित्सकों एवं विभाग की मर्यादा को नीचा दिखाते हैं। अपने बयानों में पूर्व मंत्री ने डा. हरीश वशिष्ठ को नाकाबिल और मामूली अफसर बताया जो कि सरासर गलत है।डा. हरीश ने पहले पशुपालन विभाग में कर्मठ पशु चिकित्सक के रूप में लगभग दो दशक तक अपनी उत्कृष्ठ सेवाएं दी हैं। बाद में हरियाणा सरकार ने पारदर्शी तरीके से पहली बार क्लास वन अधिकारियों से आईएएस के चयन में परीक्षा ली। जिसमें डा. हरीश चयनित हुए थे। डीसी के उनके कार्यकाल में पहले जींद और अब पलवल में उनकी कार्यप्रणाली को सभी ने सराहा है। एक ईमानदार आईएएस अधिकारी के लिए भी अपशब्दों से बचा जाना चाहिए। हरियाणा स्टेट वेटरनरी एसोसिएशन मांग करती है कि पूर्व मंत्री सार्वजनिक रूप से माफी मांगे।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें