रानी बांध तालाब के समीप कई दिनों से जमीन की खुदाई चल रही है, सिंडिकेट वालों का भरोसा है कि यहां कीमती पत्थरों का खजाना है
धनबाद। राजगंज थाना अंतर्गत रानी बांध तालाब के समीप एक गांव में पिछले कई दिनों से जमीन की खुदाई चल रही है। खुदाई के दौरान उक्त स्थल पर लोगों की भीड़ भी जमा हो जाती है। हालांकि इस खुदाई में गांव वालों को सफलता अभी तक नहीं मिल पाई है। खुदाई का काम एक सिंडिकेट कर रहा है। सिंडिकेट वालों का भरोसा है कि यहां कीमती पत्थरों का खजाना है। करीब 1 दर्जन से अधिक ग्रामीण युवक खुदाई के काम में लगे हैं। उनको प्रतिदिन मजदूरी भी दी जाती है। हालांकि इस खुदाई के लिए अभी तक प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई है। सिंडिकेट में धनबाद के लोग भी शामिल हैं। पूरे काम की मॉनिटरिंग पश्चिम बंगाल के कोलकाता का एक व्यक्ति कर रहा है, खुदाई कर रहे गांव वाले भी उसका नाम नहीं जानते हैं। इस खुदाई में धनबाद के लोग गुप्त रूप से खुदाई को प्रगति दे रहे। मजदूरों को मजदूरी का भुगतान कर रहे हैं। आपको बता दूं कि ग्रामीणों के मुताबिक करीब 3 माह पूर्व पश्चिम बंगाल के कोलकाता से एक व्यक्ति उसके गांव आया था। वही मंदिर के आसपास के जंगलों में भ्रमण करने लगा। उसने ग्रामीणों को बताया कि यहां पर अमूल्य वस्तु है, उसने कहा था कि चमकीला पत्थर यहां जमीन में है। उस व्यक्ति के पास एक मशीन थी । जब सेवा रानी तालाब के नजदीक गया उस मशीन से आवाज आई थी उस व्यक्ति का कहना था कि यहीं पर खजाना है उसने खुदाई के लिए पैसे दिए और कहा कि इस काम में किसी प्रकार की मशीन नहीं लगनी चाहिए। उसके बाद वह चला गया। अब ग्रामीण इस बारिश के मौसम में भी टेंट लगाकर जमीन की खुदाई कर रहे हैं। हालांकि अभी तक इस खुदाई में सामान्य पत्थर ही मिले हैं, जमीन की खुदाई करने के पूर्व ग्रामीणों की एक बैठक भी हुई, जिसमें कतरास राज परिवार को पूरे मामला की सूचना दी गई। राजा की जमीन की देख भाल करने वाले लक्ष्मणपुर के लोगों को भी इस बात से अवगत कराया गया। जिस जगह जमीन की खुदाई की जा रही है वह जमीन गैर आबाद है। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची थी, लेकिन काम में कोई रोक नहीं की। ग्रामीणों के अनुसार खुदाई करवाने वालों का नाम वह नहीं जानते हैं ना ही देखरेख करने वाले धनबाद के लोगों का नाम जानते हैं। वही धनबाद के जिला खनन पदाधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि जिस जगह में बहुमूल्य पत्थर की बात कही जा रही है वहां कोई खजाना नहीं है। चमकीले पत्थर यथा हीरा पन्ना या धन जमीन के नीचे नहीं है। सेंडस्टोन में भी अभ्रक का अंश हो तो चमकता है, पर उसका व्यवसायिक उपयोग नहीं हो सकता। बावजूद इसके यहां खनन विभाग की जानकारी के बगैर खुदाई की जा रही है। इसकी जांच करा कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।





