डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस मनाया
हरिद्वार,। भारतीय जनता पार्टी सप्तऋषि मंडल के तत्वावधान में रविवार
को जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में से एक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का
बलिदान दिवस मनाया गया। इस अवसर पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
गोष्ठी की अध्यक्षता भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मंडल अध्यक्ष बृजभूषण
विद्यार्थी और संचालक मंडल अध्यक्ष तरुण नैय्यर ने की।
इस
अवसर पर बृजभूषण विद्यार्थी ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को
महानता के सभी गुण विरासत में मिले थे। उनके पिता आशुतोष बाबू अपने जमाने
के प्रख्यात शिक्षाविद थे। वे 24 वर्ष की आयु में कोलकाता विश्वविद्यालय
सीनेट के सदस्य बने। उनका ध्यान गणित की ओर विशेष था। गणित के अध्ययन के
लिए वे विदेश गए तथा वहां पर लंदन मैथेमेटिकल सोसायटी ने उनको सम्मानित
सदस्य बनाया। डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी एक व्यक्ति नहीं एक विचारधारा थे।
भाजपा
के जिला उपाध्यक्ष विकास तिवारी ने कहा कि डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने
कर्मक्षेत्र के रूप में 1939 से राजनीति में भाग लिया और आजीवन इसी में लगे
रहे।
गोष्ठी में मंडल महामंत्री देवेश ममगई, ओबीसी मोर्चा के
अध्यक्ष मुकेश पुरी, महिला मोर्चा महामंत्री प्रीति गौड, युवा मोर्चा के
अध्यक्ष अंकुश भाटिया, सुमित अग्रवाल, मोनिका धीमान, ओंकार तिवारी, आयुष
सती, ईश्वर चंद शर्मा उपस्थित रहे।





