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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:17 · नई दिल्ली संस्करण

उत्तराखंड में डिजिटल पहल को मिली रफ्तार, मुख्य सचिव ने लॉन्च किया मोबाइल एप

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
उत्तराखंड में डिजिटल पहल को मिली रफ्तार, मुख्य सचिव ने लॉन्च किया मोबाइल एप

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को सचिवालय में नियोजन विभाग की ओर से आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में 'पीएम गतिशक्ति यूज केस कलेक्शन 2.0' का विमोचन किया तथा विभागीय डेटा संग्रहण के लिए विकसित मोबाइल एप का शुभारंभ किया।इस अवसर पर मुख्य सचिव ने कहा कि जियोस्पेशियल तकनीक प्रदेश में अवसंरचना विकास की योजनाओं के बेहतर नियोजन और विभागों के बीच समन्वय को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मुख्य सचिव ने कहा कि पर्वतीय राज्य उत्तराखंड में सड़क, विद्युत लाइन, पेयजल, रेलवे, भवन, बांध तथा अन्य आधारभूत परियोजनाओं की योजना और क्रियान्वयन में पीएम गतिशक्ति पोर्टल अत्यंत उपयोगी साबित होगा।

इससे परियोजनाओं की जियो-लोकेशन, विभागीय समन्वय और राज्य का समग्र मास्टर प्लान तैयार करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि सभी विभाग इस पोर्टल पर अधिक से अधिक प्रमाणिक डेटा अपलोड करें, ताकि योजनाओं के निर्माण में बेहतर परिणाम मिल सकें।

उन्होंने नियोजन विभाग को व्यय वित्त समिति की बैठकों में पीएम गतिशक्ति प्लेटफॉर्म का उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही 10 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली सभी परियोजनाओं में साइट चयन के लिए जियोस्पेशियल मैपिंग अनिवार्य करने तथा नई स्वीकृत सभी योजनाओं को पोर्टल पर अपलोड करने को कहा। उनका कहना था कि इससे योजनाओं की पुनरावृत्ति रुकेगी और विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा।

मुख्य सचिव ने प्रत्येक विभाग में मास्टर रिसोर्स पर्सन नामित करने, इच्छुक अधिकारियों को प्राथमिकता देने तथा राष्ट्रीय संस्था जियोइन्फॉर्मेटिक्स संस्थान (बीआईएसएजी-एन) की विकसित एप्लीकेशन को राज्य के प्रगति (उन्नति) पोर्टल से एकीकृत करने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने अधिकारियों से नियमित प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता के लिए कार्यशालाओं में भाग लेने तथा आवश्यकता पड़ने पर बीआईएसएजी-एन से प्रशिक्षण प्राप्त करने को कहा।

कार्यक्रम में प्रमुख सचिव एल. फैनाई, आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. एस.एन. पाण्डेय, श्रीधर बाबू अद्धांकी, अपर सचिव हिमांशु खुराना, नरेन्द्र सिंह भण्डारी, बंशीधर तिवारी और बीआईएसएजी-एन व विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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