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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · शाम 5:56 · नई दिल्ली संस्करण

डीजीपी ने लोहरदगा के सदर थाना प्रभारी केश्वर साहू को किया सस्पेंड

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

रांची। झारखण्ड के डीजीपी एमवी राव गुमला दौरे पर पहुंचे हैं। घाघरा थाना क्षेत्र के कोटामाटी नदी के पास विगत दिनों 25 अक्टूबर की रात भाई-बहन हत्याकांड मामले में डीजीपी एमवी राव ने शनिवार को लोहरदगा के सदर थाना प्रभारी केश्वर साहू को सस्पेंड कर दिया। गुमला दौरे पर पहुंचने के बाद डीजीपी ने यह कार्रवाई की है। उन्होंने लोहरदगा के एसपी को मौके से ही फोन कर सदर थाना प्रभारी को सस्पेंड किए जाने का निर्देश भी दिया। यह कार्रवाई लोहरदगा के सदर थाना प्रभारी केश्वर साहू द्वारा लापरवाही बरतने की वजह से की गई।बता दें 25 अक्टूबर को रात करीब 7 बजे दोनों सगे भाई बहन अपने पैतृक गांव कोटामाटी से लोहरदगा वापस लौट रहे थे। तभी रास्ते से दोनों का अपहरण कर लिया गया था। घंटों बीतने के बाद जब दोनों लोहरदगा नहीं पहुंचे तो परिवार के लोग चिंतित हो उठे। इसके बाद उन्होंने अपने पैतृक गांव कोटामाटी के परिजनों से संपर्क कर उनके बारे में जानकारी ली। गांव के परिजनों ने घंटों पहले उनके निकल जाने की जानकारी दी थी। इसके बाद परिजन किसी अनहोनी की अंदेशा को लेकर रात में ही उनके खोजबीन में जुट गए थे और लोहरदगा सदर थाना पहुंचकर इसकी लिखित शिकायत की थी। लेकिन लोहरदगा थाना ने कोई कार्रवाई नहीं की।दूसरे दिन सुबह परिजनों को दोनों भाई-बहन का शव शव चुंदरी नवाटोली मे मिलने खबर मिली। इस घटना के बाद मृतकों के चाचा बाल किशुन भगत ने पुलिस की लापरवाही के कारण दोनों बच्चों की हत्या होने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि अगर लोहरदगा व घाघरा की पुलिस तत्परता दिखाती तो दोनों की जान बच सकती थी। क्योंकि बच्चों के घर नहीं पहुंचने पर सबसे पहले परिजनों ने इसकी सूचना देने के लिए घाघरा थाना का विभागीय नंबर पर संपर्क किया था, पर वो बंद था। इसके बाद परिजनों ने लोहरदगा सदर थाना पहुंचकर इसकी लिखित शिकायत की थी। लेकिन लोहरदगा सदर थाना की पुलिस ने घाघरा थाना से संपर्क तक नहीं किया।

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