सैलून और पार्लर खुलवाने का मांग
रांची। झारखंड प्रदेश प्रोफेशनल कांग्रेस के अध्यक्ष आदित्य विक्रम जायसवाल ने झारखंड सरकार के वित्त और खाद्य आपूर्ति मंत्री रामेश्वर उरांव को पत्र लिखकर छह माह से बंद सैलून व पार्लर को खुलवाने का मांग किया है। उन्होंने पत्र के माध्यम से बताया कि राज्य में सैलून व ब्यूटी पार्लर अब तक बंद रहने से करीब 65 हजार लोगों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
जायसवाल ने गुरुवार को मंत्री रामेश्वर उरांव का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि हमारे झारखंड में सैलून व पार्लर के बिजनेस करीब 65 हजार लोगो जीविका चल रहा था। लेकिन कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के लिए सरकार द्वारा विगत छह माह से लगाये गए लाॅकडाउन व अनलाॅक के कारण नाई (ठाकुर) वर्ग आर्थिक रूप से पूरी तहर टूट चुका है। छह महीनों से व्यापार बंद रहने से सैलून व ब्यूटी पार्लर संचालक दुकान और घर का किराया देने में पूरी तरह से असमर्थ हो चुके हैं। जमा पूंजी भी उनका खत्म हो चुका है। ऐसे में उन लोगों को मार्केट से कोई उधार भी नहीं दे रहे हैं। उन्होंने अवगत कराते हुए कहा कि नाई संघ ने पूर्व में मुख्यमंत्री से मिलकर सैलून खोलने के लिए इजाजत मांगा था, उस समय मुख्यमंत्री ने कहा थाकि जल्द खोलने के लिए विचार किया जाएगा। उन्होंने आर्थिक मदद देने की भी बात कही थी लेकिन राज्य नाई संघ को अब तक मदद नहीं मिल पाया है। लेकिन फिर भी आश लगाये हुए हैं। जायसवाल ने नाई संघ के सदस्यों की ओर आग्रह किया है कि राज्य सरकार ने आॅनलाॅक प्रक्रिया के तहत जिस तरह कपड़ा, जूता दुकानों को खोलने का अनुमति दी है। उसी तरह सैलून, ब्यूटी पार्लर दुकानों को भी खोलने की अनुमति दी जाए। सैलून संचालक एहतियात के तौर पर मास्क, सैनिटाइजर, ग्लोब्स के साथ बाल कटिंग व सेविंग में नैपकिन व डिस्पोजल समानों का ही उपयोग करने की बात कही है। जायसवाल ने मंत्री डाॅ रामेश्वर उरांव से आग्रह किया है कि उपर वर्णित बातों पर गंभीरता पूर्वक विचार कर राज्य के 65000 लोगों की जीविका पुनः चलाने हेतु विचार करने की कृपा की जाए ताकि राज्य सरकार राजस्व के साथ सैलून चालकों का जीविका पटरी में लौट सके।





