रिश्वतखोरी पर शिकंजा, फतेहाबाद में एसआई 20 हजार रुपये लेते दबोचा गया

फतेहाबाद। एंटी करप्शन ब्यूरो की फतेहाबाद यूनिट ने मंगलवार दोपहर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए देश के शीर्ष-3 थानों में शुमार भट्टू कलां थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर रामपाल को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी सब-इंस्पेक्टर कोर्ट परिसर के बाहर एक ठेले पर बिरयानी खाते हुए रिश्वत की रकम ले रहा था, तभी इंस्पेक्टर मनमोहन सिंह के नेतृत्व में एसीबी की टीम ने उसे मौके पर ही धर दबोचा। मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी सब-इंस्पेक्टर रामपाल ने एक दर्ज मामले में शिकायतकर्ता के पक्ष में गवाही देने के एवज में 30 हजार रुपये की मांग की थी।
बाद में बातचीत के दौरान 20 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था, इसलिए उसने तुरंत इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो फतेहाबाद को दी। शिकायत मिलते ही एसीबी ने मामले का गुप्त सत्यापन कराया, जो सही पाया गया। इसके बाद इंस्पेक्टर मनमोहन सिंह की अगुवाई में एक ट्रैप टीम का गठन किया गया। योजनाबद्ध तरीके से मंगलवार को शिकायतकर्ता को फतेहाबाद कोर्ट परिसर के पास भेजा गया।
सब-इंस्पेक्टर रामपाल वहां एक ठेले पर बिरयानी खा रहा था और उसने शिकायतकर्ता के लिए भी बिरयानी ऑर्डर की। जैसे ही शिकायतकर्ता ने 20 हजार रुपये की राशि एसआई के हाथ में थमाई, आसपास पहले से तैनात एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथ काबू कर लिया। गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम आरोपी सब-इंस्पेक्टर को पूछताछ और आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए तुरंत एसीबी कार्यालय ले गई।
आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। गौर करने वाली बात यह है कि गृह मंत्रालय द्वारा भट्टू कलां पुलिस स्टेशन को देश के शीर्ष तीन सर्वश्रेष्ठ थानों में चुना जा चुका है। ऐसे में इसी थाने के अधिकारी का इस तरह सरेआम रिश्वत लेते पकड़े जाना पूरे पुलिस महकमे के लिए एक बड़ा झटका और फजीहत का कारण माना जा रहा है।





