तंबाकू सेवन से होता है मुंह का कैंसर, तंबाकू सेवन नहीं करने की दिलाई गई शपथ
मेदिनीनगर : सिगरेट, बीड़ी, हुक्का सेवन करने से सीधे लंग्स इफेक्ट होता है। फेफड़े पर बुरा प्रभाव पड़ता है। वहीं चबाने वाले तंबाकू जैसे गुटखा, पान मशाला से जीभ, मुंह, गला में कैंसर की बीमारी होती है। उक्त बातें पलामू के सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव ने कही। वे सोमवार को सिविल सर्जन कार्यालय सभागार में विश्व तंबाकू दिवस पर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। डॉ. श्रीवास्तव की अध्यक्षता में विश्व तंबाकू दिवस मनाया गया। सिविल सर्जन ने तंबाकू सेवन से उत्पन्न होने वाली बीमारियों पर प्रकाश डाला। कहा कि तंबाकू चबाने वाले लोगों को अगर औसत मानक से कम मुंह खुलता है तो वैसे लोगों को तंबाकू चबाना छोड़ देना चाहिए। अपना इलाज कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि ध्रूमपान स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। उन्होंने कहा कि ध्रमपान के दो तरह के यूजर्स होते हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग ध्रुमपान करते हैं उन्हें एक्टिव यूजर्स कहा जाता है और जो लोग उनके सामने रहते हैं उन्हें पैसिव यूजर्स कहा जाता है। उन्होंने कहा कि एक्टिव यूजर्स जो ध्रूमपान करते हैं वे स्वयं तो बीमारी बटोरते ही है। साथ ही सामने वाले को भी प्रभावित करते हैं। सीएस ने कहा कि जिस घर में गर्भवती महिलाएं हैं यदि कोई उनके घर में ध्रुमपान करते हैं तो इससे गर्भवती महिलाओं पर तो असर पड़ता ही है साथ ही गर्भ में पल रहे बच्चे पर भी दुष्परिणाम होता है। नोडल अफसर डा एमपी सिंह ने कहा कि ध्रूमपान शरीर के किसी भी दृष्टिकोण से सही नहीं हैं। इस बीच लोगों को शपथ दिलाई गई। शपथ में लोगों ने जीवन में कभी भी किसी भी प्रकार से तंबाकू उत्पादों का सेवन नहीं करेंगे और स्वजनों व परिचितों को भी तंबाकू उत्पाद समेत किसी भी नशे का सेवन नहीं करने के लिए प्रेरित करने संकल्प लिया। इस अवसर पर डीपीएम दीपक कुमार गुप्ता, अरविद कुमार चौबे, डीडीएम शशिकांत तिवारी, स्वास्थ्य प्रशिक्षक अतुल कुमार सिन्हा, तारकेश्वर सिंह, ललन कुमार, धर्मेंद्र कुमार, समेत अन्य कर्मी उपस्थित थे।





