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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:55 · नई दिल्ली संस्करण

भारत-न्यूजीलैंड में नई साझेदारी, वेलिंगटन में रक्षा वार्ता के दौरान लिया गया ये बड़ा फ़ैसला

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
भारत-न्यूजीलैंड में नई साझेदारी, वेलिंगटन में रक्षा वार्ता के दौरान लिया गया ये बड़ा फ़ैसला

यह वार्ता भारत के संयुक्त सचिव अमिताभ प्रसाद और न्यूजीलैंड के रक्षा मंत्रालय के उप सचिव रिचर्ड श्मिट की सह-अध्यक्षता में संपन्न हुई। दोनों देशों के बीच रक्षा एवं रणनीतिक संबंधों को प्रगाढ़ बनाना और 'रोडमैप 2030' के लक्ष्यों को आगे बढ़ाना।

भारत और न्यूजीलैंड द्वारा वेलिंगटन में दूसरी रक्षा रणनीतिक वार्ता शुरू की है। दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को और मजबूत करने के उद्देश्य से यह रक्षा रणनीतिक वार्ता हो रही है। दोनों पक्षों ने इस बातचीत में रोडमैप 2030 के तय उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए आपसी सहयोग को और व्यापक बनाने पर चर्चा की।

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक न्यूजीलैंड के वेलिंगटन में हुई इस वार्ता की सह-अध्यक्षता भारत के संयुक्त सचिव अमिताभ प्रसाद और न्यूजीलैंड के रक्षा मंत्रालय के उप सचिव रिचर्ड श्मिट ने की। बातचीत के दौरान दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा, संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण और रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। साथ ही दोनों पक्षों ने रोडमैप 2030 के तय उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए आपसी सहयोग को और व्यापक बनाने पर चर्चा की।

बता दें भारत और न्यूजीलैंड दोनों ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और स्थिरता को अहम मानते हैं। ऐसे में रणनीतिक बातचीत में समुद्री क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना प्रमुख मुद्दों में शामिल रहा। दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा से जुड़े सहयोग को मजबूत करने से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा सुरक्षा हितों को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इस वार्ता में संयुक्त प्रशिक्षण गतिविधियों को बढ़ाने पर भी ध्यान दिया गया। दोनों देशों की सेनाओं के बीच प्रशिक्षण और पेशेवर आदान-प्रदान से सैन्य क्षमताओं में इजाफा होगा।

वहीं, संचालन संबंधी समझ और आपसी समन्वय को मजबूत करने की दिशा में भी सहयोग बढ़ाया जा सकता है। दरअसल, भारत और न्यूजीलैंड के बीच रक्षा संबंधों को दीर्घकालिक दिशा देने के लिए रोडमैप 2030 एक अहम आधार है। दूसरी रक्षा रणनीतिक वार्ता में इसी रोडमैप के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने और रक्षा सहयोग के कई क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रगति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच रक्षा क्षेत्र में बढ़ता सहयोग दोनों देशों के व्यापक रणनीतिक संबंधों का अहम हिस्सा है। दूसरी रक्षा रणनीतिक वार्ता से दोनों देशों के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा और सैन्य प्रशिक्षण के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

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