लगभग 15,800 करोड़ की डील: आईपीएल से लेकर विदेशी लीगों तक अब चलेगी मित्तल और पूनावाला की हुकूमत!

स्टील किंग लक्ष्मी एन मित्तल और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के सीईओ अदार पूनावाला ने मिलकर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की फ्रेंचाइजी राजस्थान रॉयल्स (आरआर) को खरीदने की मेगा डील लगभग पूरी कर ली है। इस बड़े अधिग्रहण को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने भी आधिकारिक मंजूरी दे दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह ऐतिहासिक सौदा लगभग 1.65 अरब डॉलर (करीब 15,838.63 करोड़) में तय हुआ है, जो आईपीएल फ्रेंचाइजी के इतिहास में सबसे बड़े सौदों में से एक है।
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने इस अधिग्रहण को 17 सितंबर को ही अपनी मंजूरी दे दी थी। ऐसे में अब इस डील के पूरा होने की कानूनी प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। मित्तल और पूनावाला के इस अधिग्रहण पैकेज में केवल राजस्थान रॉयल्स ही नहीं, बल्कि फ्रेंचाइजी के मालिकाना अधिकार वाली दो विदेशी क्रिकेट टीमें दक्षिण् अफ्रीका की टी-20 लीग 20 में भाग लेने वाली पार्ल रॉयल्स और वेस्टइंडीज कैरेबियन प्रीमियर लीग (सीपीएल) में खेलने वाली बारबाडोस रॉयल्स भी अब मित्तल और पूनावाला के मालिकाना अधिकार में आ जाएंगी। यह विस्तार दर्शाता है कि यह अधिग्रहण सिर्फ आईपीएल तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक क्रिकेट लीगों में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह महत्वाकांक्षी सौदा ब्रिटेन में पंजीकृत निवेश कंपनी वेस्टव्यू क्रिकेट लिमिटेड के माध्यम से पूरा किया जा रहा है, जिसका स्वामित्व मित्तल परिवार के पास है। इस सौदे में पूनावाला स्पोर्ट्स एंड फिटनेस प्राइवेट लिमिटेड भी एक प्रमुख हिस्सेदार है। इस डील के तहत, मित्तल परिवार वेस्टव्यू क्रिकेट के माध्यम से फ्रेंचाइजी समूह की लगभग 75 फीसदी हिस्सेदारी हासिल करेगा, जबकि अदार पूनावाला की हिस्सेदारी करीब 18फीसदी होगी। मौजूदा निवेशकों में शामिल मनोज बदाले के पास अपनी लगभग 7फीसदी हिस्सेदारी बरकरार रहने की उम्मीद है।
इस सौदे की घोषणा इस साल की शुरुआत में ही लगभग 1.65 अरब डॉलर के एंटरप्राइज वैल्यू पर की गई थी, जो इसकी विशालता और क्रिकेट जगत में इसके महत्व को रेखांकित करता है। यह उल्लेखनीय है कि इस समझौते से पहले, अमेरिकी निवेशकों के नेतृत्व वाले एक समूह ने भी राजस्थान रॉयल्स को खरीदने का असफल प्रयास किया था, तब फ्रेंचाइजी समूह का मूल्यांकन लगभग 1.63 अरब डॉलर आंका गया था। मित्तल और पूनावाला जैसे दिग्गज उद्योगपतियों का राजस्थान रॉयल्स के साथ जुड़ना फ्रेंचाइजी के लिए एक नया अध्याय खोलेगा और टीम को वित्तीय तथा रणनीतिक रूप से और भी मजबूत करेगा।




