आयुक्त ने मलय डैम एवं बंद पड़े मुरमा ग्रेफाइट माइंस का किया निरीक्षण
मलय डैम पर्यटन के रूप में विकसित होने से स्थानीय लोगों का होगा फायदा
मेदिनीनगर : मलय डैम को पर्यटन के रूप में विकसित होने से स्थानीय लोगों को फायदा होगा। उन्हें रोजगार मिलेगी और वे स्वालंबी होंगे। इसके लिए स्थानीय लोगों की सहयोग भी अपेक्षित है। यहां हेचरी लगाकर मत्स्य बीज तैयार करने की पद्धति विकसित की जानी चाहिए। वहीं पर्यटकों की सुविधा हेतू तैराक की व्यवस्था रहे। तैरांक को एनडीआरएफ की टीम द्वारा प्रशिक्षण दिलाया जायेगा। यह बातें आयुक्त जटाशंकर चौधरी ने मलय डैम का निरीक्षण के दौरान उक्त बातें कही। उन्होंने डैम के समीप बंद पड़े मुरमा ग्रेफाइट माइंस का भी निरीक्षण किया और ग्रेफाइट पत्थर निकालने एवं पत्थर से ग्रेफाइट बनाने के तरीकों की जानकारी ली। आयुक्त ने मलय डैम के निरीक्षण के दौरान मत्यजीवी समिति के सदस्यों को हेचरी बैठाकर मत्स्य बीज तैयार करने का निर्देश दिया। इसके लिए उन्होंने मौके से ही मत्स्य विभाग के निदेशक से दूरभाष पर बात कर मलय डैम में हेचरी लगाने संबंधी तत्काल पहल करने की बातें कही। मत्स्य निदेशक ने इसके लिए मत्स्यजीवी समिति को आवेदन देने की बातें कही है। आयुक्त ने डैम में वोटिंग की व्यवस्था के लिए लाइसेंस लेने का निर्देश दिया। साथ ही 4-5 का टीम बनाकर तैराक का प्रशिक्षण दिलाने का निर्देश दिया। तैराक का प्रशिक्षण दिलाने के लिए आयुक्त ने एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर से दूरभाष पर बात की और मत्यजीवी समिति को शीघ्र टीम बनाकर प्रशिक्षण में भेजने का निर्देश दिया। आयुक्त ने मत्स्यजीवी समिति के सदस्यों को मिलजुलकर और आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। आयुक्त ने सिंचाई विभाग के अभियंता से डैम, कैनाल व उसके आउटलेट के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। साथ ही डैम से निकले कैनाल से गांवों में सिंचाई व्यवस्था को जाना। उन्होंने अभियंताओं को डैम एवं कैनाल की मरम्मति तथा डैम साइड की झाडियों की सफाई भी करवाने का निर्देश दिया, ताकि कोविड-19 संक्रमण का दौर समाप्ति एवं डैम आदि पर्यटन स्थान खुलने संबंधी सरकार का गाइडलाइन आने के बाद यहां पर्यटकों का आना शुरू हो। उन्होंने अभियंताओं को गांवों का भ्रमण करने, किसानों से बात कर सिंचाई संबंधी उनकी समस्याओं को जानने का सख्त निर्देश दिया। साथ ही डैम के कैनाल का जरूरत के हिसाब से आउटलेट देने का निर्देश दिया।आयुक्त जटाशंकर चौधरी द्वारा निरीक्षण के दौरान सिंचाई विभाग के एई मुकुंद उरांव, जेई हृदय कुमार, अफरोज आलम, लव कुमार, अंकुर जैन, चंद्रशेखर दास, पंकज कुमार, कमला आदित्य कंस्ट्रक्शन के चंदन सिंह, मत्स्यजीवी समिति के उदय सिंह आदि उपस्थित थे।





