मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:36 · नई दिल्ली संस्करण

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय विद्युतमंत्री मनोहर लाल से की भेंट

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

देहरादून,। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली

में केंद्रीय विद्युतमंत्री मनोहर लाल खट्टर से शिष्टाचार भेंटकर बधाई और

शुभकामनाएं दी । इस दौरान मनोहर लाल से उत्तराखंड के लिए केंद्रीय तापीय

संयंत्रों से 500 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत आपूर्ति के लिए स्थायी रूप से

आवंटित करने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में

विद्युत उत्पादन के लिए केवल जल विद्युत ऊर्जा उत्पादन केन्द्रों की

उपलब्धता है, जिसके फलस्वरूप राज्य के कुल ऊर्जा मिश्रण में 55% से अधिक

ऊर्जा जल विद्युत ऊर्जा स्रोतों से प्राप्त होती है। कोयला आधारित

संयंत्रों से राज्य के ऊर्जा मिश्रण में केवल 15% ऊर्जा ही प्राप्त होती

है। बेस लोड क्षमता का अभाव राज्य की ऊर्जा सुरक्षा के लिए कठिन चुनौती

बनता जा रहा है। शीत ऋतु में राज्य के जल विद्युत ऊर्जा स्रोतों से औसतन

300-400 मेगावाट ऊर्जा ही प्राप्त हो पाती है, जो ऊर्जा सुरक्षा की स्थिति

को और गम्भीर बनाती है। राज्य में लगभग 4800 मेगावाट क्षमता की जलविद्युत

परियोजनाओं का निर्माण मुख्यतः पर्यावरणीय कारणों से विभिन्न न्यायालयों

अथवा अन्य स्तरों पर लम्बित है, जिस कारण राज्य में उपलब्ध जल शक्ति का

विकास न हो पाने के कारण राज्य में विद्युत की मांग एवं उपलब्धता का अन्तर

लगातार बढ़ता जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय विद्युत

प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा इस वर्ष सम्पादित की गई संसाधन पर्याप्तता

अध्ययन में भी उत्तराखंड के ऊर्जा मिश्रण वर्ष 2027-28 तक 1200 मेगावाट

अतिरिक्त विद्युत कोयला आधारित तापीय संयत्रों से प्राप्त किये जाने की

संस्तुति की गई है। आगामी पांच वर्षों में राज्य की आर्थिकी को दोगुना करने

का लक्ष्य है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए राज्य के आधारभूत ढांचे में

व्यापक वृद्धि की जानी है, जिसमें राज्य में औद्योगिकीकरण, सेवा क्षेत्र

जिसमें पर्यटन से जुड़ा आधारभूत ढांचा मुख्य है, कृषि एवं वानिकी तथा

शिक्षा आदि क्षेत्रों में मुख्य रूप से निवेश आकर्षित हो रहा है, जिसके

फलस्वरूप निकट भविष्य में विद्युत की मांग में तेज वृद्धि अपेक्षित है।

मुख्यमंत्री

ने केंद्रीयमंत्री से राज्य की बेस लोड की आवश्यकताओं को पूर्ण किये जाने

और विद्युत की मांग तथा उपलब्धता के अन्तर को कम किये जाने के लिए केंद्रीय

तापीय संयंत्रों से 500 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत आपूर्ति उत्तराखंड राज्य

को स्थायी रूप से आवंटित किये जाने का अनुमोदन प्रदान करने का अनुरोध

किया।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें