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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:27 · नई दिल्ली संस्करण

मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में अतिवृष्टि से हुए नुकसान की ली जानकारी, अधिकारियों को अलर्ट रहने के दिए निर्देश

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

देहरादून,। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को आईटी पार्क

स्थित राज्य आपदा परिचालन केन्द्र पहुंचकर प्रदेश में अतिवृष्टि से हुए

नुकसान के संबंध में जिलाधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने अगले 24 घण्टे

सभी अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए। उन्होंने बालगंगा और

बूढ़ाकेदार क्षेत्र के प्रभावित गांवों के विस्थापन की प्रक्रिया को भी

शीघ्र से शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह

धामी ने आपदा प्रबंधन सचिव को निर्देश देते हुए कहा कि जिलाधिकारियों से

निरंतर समन्वय बनाये रखें। अतिवृष्टि के कारण राहत व बचाव कार्यों के लिए

जिलाधिकारियों की ओर से किसी भी प्रकार की सहायता मांगे जाने पर यथाशीघ्र

उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी हरिद्वार, टिहरी, देहरादून,

चमोली, नैनीताल, अल्मोड़ा और उत्तरकाशी से बारिश की स्थिति, जानमाल के

नुकसान, जलभराव की स्थिति, सड़कों, पुलों, पेयजल और विद्युत की उपलब्धता के

बारे में जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की दृष्टि से

संवेदनशील स्थानों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर लाया जाए और उनके रहने

खाने की पर्याप्त व्यवस्थाएं रखी जाएं। सुरक्षित स्थानों पर लाये जा रहे

बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती माताओं को रहने के साथ दवाइयों और अन्य

आवश्यक सामग्रियों की समुचित व्यवस्था रखी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा

से राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सभी जनपदों को इस वित्तीय वर्ष में अभी

तक कुल 315 करोड़ की धनराशि उपलब्ध कराई जा चुकी है। आवश्यकता पड़ने पर

जनपदों को और भी धनराशि उपलब्ध कराई जायेगी।

मुख्यमंत्री ने

अतिवृष्टि से प्रभावित परिवारों को अनुमन्य सहायता राशि शीघ्र उपलब्ध कराये

जाने के साथ ही फसलों और मवेशियों को हुए नुकसान का आंकलन करने के

जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं।

पेयजल और विद्युत की सूचारू आपूर्ति हो

मुख्यमंत्री

ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि अतिवृष्टि के कारण सड़कें बाधित

होने की स्थिति में उनको सुचारू करने में कम से कम समय लिया जाए। उन्होंने

पुल टूटने पर बेली ब्रिज बनाकर जल्द से जल्द आवागमन को सुचारू किए जाने के

भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि लोगों को पेयजल

और विद्युत की सूचारू आपूर्ति हो।

यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका जाए

मुख्यमंत्री

ने चारधाम यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिगत सभी

व्यवस्थाएं रखने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग में

अतिवृष्टि के कारण यदि कहीं पर मार्ग बाधित होते हैं या आगे कोई खतरा

प्रतीत होता है तो यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोक लिया जाए।

इस

अवसर पर उपाध्यक्ष राज्य सलाहकार समिति आपदा प्रबंधन विनय कुमार रूहेला,

सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, अपर

मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन आनंद स्वरूप, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी

क्रियान्वयन राजकुमार एवं आपदा प्रबंधन से जुड़े अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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