3000 चतुर्थवर्गीय सरकारी कर्मियों का भविष्य अंधकारमय होने से बचाएं सीएम : सपन
बोकारो : झारखंड राज्य चतुर्थवर्गीय सरकारी कर्मचारी संघ ने राज्य के मुख्यमंत्री को मांग दिवस पर पत्र प्रेषित करते हुए प्रोन्नति की मांग उठाई है। संघ के महामंत्री सपन कुमार कर्मकार ने कहा कि राज्य के अहर्ताप्राप्त चतुर्थवर्गीय सरकारी कर्मचारियों की ओर से भवदीय का ध्यान आकृष्ट कराते हुए विनम्रता पूर्वक कहना है कि झारखण्ड राज्य अस्तित्व में आने से राज्य के अन्य सरकारी कर्मियों के साथ-साथ झारखण्ड के लगभग 30 हजार चतुर्थवर्गीय सरकारी कर्मचारियों के भविष्य उज्जवल होने की उम्मीद थी। विडम्बना यह है कि हमारी स्थिति में सुधार तो दूर, संयुक्त बिहार के समय में मिलने वाली तृतीय वर्ग के पदों पर पद प्रोन्नति से भी हमें वंचित किया गया है। चतुर्थवर्गीय कर्मियों के पद प्रोन्नति से संबंधित पूर्व के नियमों को शिथिल कर चतुर्थवर्गीय कर्मियों के उज्जवल भविष्य को अंधकारमय कर दिया गया है। सेवा नियमावली में सुधार की प्रक्रिया को लटकाकर रखने के कारण पदोन्नति के लम्बे इन्तजार में योग्यताधारी कर्मियों की उम्र सीमा भी पार कर रही है, जिससे चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों में निराशा के साथ-साथ रोष भी व्याप्त है। संघ द्वारा अपने कई मांग पत्रों के माध्यम से मुख्यमंत्री का ध्यानाकर्षण करने का प्रयास के बावजूद मानवीय संवेदना के आधार पर इन बिंदुओं पर विशेष ध्यान नहीं दिया जाना काफी दुखद है।
जटिल सेवाशर्तों के कारण लाभ से वंचित हैं कर्मी
सपन ने कहा कि झारखण्ड सरकार के अधीन कार्यरत लगभग 30 हजार चतुर्थवर्गीय सरकारी कर्मचारी, जटिल सेवा शर्त के कारण प्रोन्नति के लाभ से वंचित हैं। इतने विशाल संख्या के बीच कई अनुभवी एवं योग्य कर्मी रहने के बावजूद संयुक्त बिहार के समय के सेवा शर्त को फेरबदल कर तृतीय वर्ग का मिलने वाला प्रोन्नति से वंचित रखना हमारा एवं झारखण्ड का दुर्भाग्य है। झारखण्ड में कई योग्य चतुर्थवर्गीय कर्मी पद प्रोन्नति के बगैर सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जिससे उन सभी में निराशा है। उन्होंने कहा- चतुर्थवर्गीय कर्मी अपने दायित्वों का निर्वहन अपने वरिष्ठ के कंधे-से-कंधा मिलाकर पूरे निष्ठा से कर रहे हैं, चाहे राष्ट्रीय पर्व आम चुनाव, चाहे कोरोना (कोविड-19) महामारी चाहे अन्य कठिन कार्य क्यों न हो, हमारी सहभागिता सदैव निष्ठापूर्वक रही है। हमारे वर्षों के अनुभव का लाभ झारखण्ड को होता तो हमें अपार हर्ष होता, साथ ही कुछ कर्मियों की आर्थिक स्थिति में सुधार होता। इस बिन्दु पर आपकी कृपा दृष्टि की आवश्यकता है। चतुर्थवर्गीय कर्मचारी को अनुभव एवं योग्यता के आधार पर एकमुश्त तृतीय वर्ग (लिपिकीय संवर्ग) के पद पर पद प्रोन्नति का आदेश संबंधित विभाग को देकर पुरे राज्य के चतुथवर्गीय कर्मियों के साथ न्याय दिलवाने की कृपा की जाय, ताकि समुचे सेवा अवधि में प्राप्त योग्यता के आधार पर प्रोन्नति का लाभ प्राप्त कर चतुर्थवर्गीय कर्मी सेवानिवृत्त हो सकें।





