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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:29 · नई दिल्ली संस्करण

पांच दिन के गैरसैंण बजट सत्र में धामी का कांग्रेस पर हमला

राष्ट्रीय सागर डेस्क4 मिनट का पठन
सीएम रेखा गुप्ता ने दिल्ली में ड्रेनेज रीमॉडलिंग की शुरुआत की

गैरसैंण। उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र इस बार कई मायनों में ऐतिहासिक साबित हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में आयोजित यह सत्र राज्य सरकार की उपलब्धियों और नीतियों का साफ प्रतिबिंब बना। धामी सरकार के दूसरे कार्यकाल के चार साल पूरे होने के दौरान चले सत्र में मुख्यमंत्री ने काफी मुखर और आक्रामक अंदाज में सदन को संबोधित किया।

9 मार्च से शुरू हुए इस पांच दिवसीय बजट सत्र की कार्यवाही कुल 41 घंटे 10 मिनट तक चली, जो गैरसैंण में अब तक का सबसे लंबा विधानसभा सत्र माना जा रहा है। इस दौरान वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पारित किया गया। सदन ने कुल 12 विधेयकों को मंजूरी दी और चार अध्यादेशों को भी स्वीकृति प्रदान की।

विधानसभा को 50 अल्प सूचित प्रश्न और 545 तारांकित प्रश्न मिले, जिनमें से 291 के जवाब सदन में दिए गए। सत्र सिर्फ विधायी काम तक सीमित नहीं रहा बल्कि राज्य के विकास, सरकार की कार्यशैली और नीतियों पर विस्तृत चर्चा का मंच बना। कई विधायकों ने धामी सरकार के प्रयासों की सराहना की।

राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का तेवर काफी अलग दिखा। आमतौर पर शांत और संयमित रहने वाले धामी इस बार पूरी तरह आक्रामक हो गए। उन्होंने मुख्य रूप से कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा और उसके पुराने कार्यकाल की नीतियों को कठघरे में खड़ा किया। धामी ने कहा कि उनकी सरकार सिर्फ घोषणाएं करने वाली नहीं बल्कि उन्हें जमीन पर उतारने वाली है। मुख्य सेवक के रूप में की गई 3885 घोषणाओं में से 2408 पूरी हो चुकी हैं और बाकी पर तेज काम चल रहा है।

उन्होंने तंज कसा कि उनकी सरकार शिलान्यास और लोकार्पण तक सीमित नहीं रहती बल्कि घोषणाओं को कर्म से पूरा करती है।

विपक्ष के लिए यह समझना मुश्किल है, क्योंकि उनके समय में जनता के प्रति जवाबदेही का भाव नहीं था।

कांग्रेस के पुराने दौर पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय खनन गतिविधियां माफियाओं के हवाले थीं। नियमों की अनदेखी होती थी और राज्य का राजस्व माफियाओं की जेब में चला जाता था। तब खनन से करीब 400 करोड़ रुपए का राजस्व मिलता था, जो अब बढ़कर 1200 करोड़ रुपए से ज्यादा हो गया है। उन्होंने 2012 से 2017 के दौर को 'पॉलिसी पैरालिसिस' का समय बताया, जब सरकार का फोकस सिर्फ शराब नीति और लाइसेंस के बदले नकदी पर था।

उस दौर के स्टिंग ऑपरेशनों ने उत्तराखंड की छवि को देशभर में नुकसान पहुंचाया।

राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस पर तंज कसते हुए धामी ने कहा कि दशकों सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस ने बड़े फैसले लेने का साहस नहीं दिखाया। धारा 370 हटाना, तीन तलाक खत्म करना और राम मंदिर निर्माण जैसे ऐतिहासिक कदम सालों टाले गए। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इन्हें पूरा किया गया।

समान नागरिक संहिता पर भी मुख्यमंत्री ने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना जिसने आजादी के बाद सबसे पहले समान नागरिक संहिता लागू की। इससे महिलाओं को तीन तलाक व हलाला जैसी कुप्रथाओं से मुक्ति मिली। धामी ने तंज कसा कि तुष्टिकरण की राजनीति करने वालों को समान अधिकारों की समझ नहीं आती, क्योंकि उनकी नजरें वोट बैंक पर टिकी रहती हैं।

लैंड जिहाद और अतिक्रमण पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने सख्त कार्रवाई से 12 हजार एकड़ से ज्यादा सरकारी भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई है। उत्तराखंड में अवैध कब्जे बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।

उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि विपक्ष अल्पसंख्यकों को सिर्फ राजनीतिक औजार की तरह इस्तेमाल करता रहा है जबकि उनकी सरकार हर बच्चे को अच्छी किताब व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना चाहती है।

विकास के आंकड़ों का जिक्र करते हुए धामी ने कहा कि पिछले चार साल में राज्य की अर्थव्यवस्था डेढ़ गुना से ज्यादा बढ़ी है। बजट का आकार 60 हजार करोड़ से बढ़कर 1 लाख 10 हजार करोड़ से ज्यादा हो गया। प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई। राज्य में 20 हजार से ज्यादा नए उद्योग लगे और स्टार्टअप की संख्या 700 से बढ़कर 1700 हो गई। नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्यों में उत्तराखंड पहले स्थान पर और सार्वजनिक वित्तीय प्रदर्शन में विशेष राज्यों में दूसरे स्थान पर है।

उन्होंने कहा कि ये उपलब्धियां सिर्फ सरकार की नहीं बल्कि पूरे उत्तराखंड की सामूहिक मेहनत का नतीजा है। संबोधन के अंत में उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार का संकल्प देवभूमि उत्तराखंड को सुरक्षित, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाना है। यह विकल्प रहित संकल्प है कि विकास की रोशनी राज्य के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उत्तराखंड विकास, आस्था और समृद्धि के नए मानक स्थापित करे।

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