मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रोएक्टिव निगरानी करें अधिकारी: मुख्य सचिव

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रोएक्टिव निगरानी करने के अधिकारी को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री की घोषणाओं को प्राथमिकता से पूरा करेंद्धसोमवार को मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा बैठक हुई। इस दौरान मुख्य सचिव ने संबंधित सचिवों, विभागाध्यक्षों और जिलाधिकारियों को पूर्ण हो चुकीं या गतिमान और किसी विशेष इश्यू के चलते अभी तक प्रारंभ नहीं की जा सकी, ऐसी सभी मुख्यमंत्री घोषणाओं और गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर की गई सभी घोषणाओं का प्रथक- पृथक विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।उन्होंने गतिमान घोषणाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति का अपडेट तीन दिवस की अवधि में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। ऐसी घोषणाएं जिनको किसी भी प्रकार के इश्यू के चलते अभी तक प्रारंभ नहीं किया जा सका उनका विवरण कार्य प्रारंभ न करने का कारण बताते हुए सात दिवस की अवधि में प्रस्तुत करने को कहा।मुख्य सचिव ने गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और राज्य स्थापना दिवस पर की गई मुख्यमंत्री घोषणाओं की सूची अलग से तैयार करें और उनको उच्च प्राथमिकता में लेते हुए अग्रिम कार्रवाई करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।उन्होंने संबंधित विभागों और जिलाधिकारियों को कहा कि ऐसी घोषणाएं जिनको तत्काल प्रारंभ करने में कोई इशू नहीं है उनके तत्काल प्रस्ताव प्रस्तुत करें। जिन घोषणाओं को प्रारंभ करने में कोई इशू है उनकी समस्या की प्रकृति बताते हुए उचित निराकरण के लिए प्रथम बार विभागीय सचिव स्तर से निस्तारित कराएं। यदि सचिव स्तर पर निस्तारण नहीं हो पाता तो उन्होंने उनके स्तर पर निराकरण के लिए प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।मुख्य सचिव ने सचिव एसएन पांडेय को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति तेजी से पूरी हो इसके लिए निगरानी का प्रभावी मेकैनिज्म बनाएं और जिन विभागों की जिस घोषणा में प्रगति संतोषजनक न हो उनको व्यक्तिगत अथवा दैनिक रूटीन से अवगत कराते हुए उसकी प्रगति बढ़ाएं। मुख्यमंत्री की कुल घोषणाओं में से 2215 घोषणाएं पूर्ण हो चुकी हैं। 777 पर कार्रवाई गतिमान हैं और 583 घोषणाएं अपूर्ण हैं। बैठक में अपर सचिव नवनीत पांडेय व जगदीश कांडपाल, उपसचिव हीरा सिंह बसेड़ा, आर सी शर्मा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।





