मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सख्त चेतावनी: “राज्य में हर नागरिक को मिले मूलभूत सुविधाएं, दो माह में बेसहारा गोवंश हों गौशालाओं में”

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सख्त चेतावनी: “राज्य में हर नागरिक को मिले मूलभूत सुविधाएं, दो माह में बेसहारा गोवंश हों गौशालाओं में”
नई दिल्ली, 29 जुलाई। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान प्रदेश के नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने, बेसहारा गोवंश की समस्या का समाधान निकालने और राज्यभर में अग्निशमन केंद्रों की आवश्यकता का आंकलन करने जैसे कई अहम निर्देश जारी किए। यह बैठक मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा हेतु आयोजित की गई थी, जिसमें विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रही।
मुख्यमंत्री सैनी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हरियाणा की बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए राज्य के प्रत्येक जिले में अग्निशमन केंद्रों की स्थिति का पुनः मूल्यांकन आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिया कि जहां-जहां आवश्यकता हो, वहां नए फायर स्टेशन तत्काल स्थापित किए जाएं, ताकि आपात स्थिति में जान-माल की रक्षा की जा सके।
वहीं मोरनी जैसे दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क, बिजली और पानी जैसी आधारभूत सुविधाओं की कमी पर मुख्यमंत्री ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भले किसी क्षेत्र में एकमात्र घर ही क्यों न हो, राज्य सरकार की यह प्राथमिक जिम्मेदारी है कि वहां तक सुविधाएं पहुंचाई जाएं। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि किसी भी नागरिक को उपेक्षित महसूस न होने दिया जाए।
प्रदेश में आवारा पशुओं की समस्या को गंभीर मानते हुए मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से निर्देश दिया कि एक अभियान चलाकर अगले दो महीनों में सभी बेसहारा गोवंश को गौशालाओं में संरक्षित किया जाए। इसके लिए पशुपालन एवं डेयरी विभाग को शहरी स्थानीय निकाय विभाग और हरियाणा गौ सेवा आयोग के साथ समन्वय स्थापित कर मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पंचकूला, पानीपत और हिसार जिलों में नंदीशालाएं स्थापित की जा चुकी हैं और शेष जिलों में भी इस दिशा में गति लाई जा रही है। इसके अलावा, सभी नंदीशालाओं में एक-एक वेटरनरी क्लिनिक भी स्थापित किया जाएगा, ताकि पशुओं को समय पर चिकित्सकीय सहायता मिल सके।
मुख्यमंत्री ने सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की घोषणाओं की समीक्षा के दौरान “नदी जोड़ो अभियान” के तहत कलेसर क्षेत्र से यमुना नदी के जल को चैनल के माध्यम से पंचकूला व अन्य क्षेत्रों तक लाने के लिए सर्वेक्षण कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। इससे न केवल सिंचाई को बढ़ावा मिलेगा बल्कि जल संरक्षण के राष्ट्रीय लक्ष्य को भी बल मिलेगा।
कृषि और बागवानी क्षेत्र को मजबूती देने की दिशा में भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों के माध्यम से उन्नत किस्म के बीजों के विकास की योजना बनाने, सब्सिडी योजनाओं के डाटाबेस को नियमित अपडेट रखने, और किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की बात कही। बागवानी विभाग को विशेष रूप से किसान उत्पादक संगठनों को सक्रिय रूप से जोड़ने के निर्देश दिए गए।
अंत में मुख्यमंत्री ने वर्ष 2014 से अब तक की गई सभी घोषणाओं की विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित घोषणाओं को शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनघोषणाएं केवल भाषणों का हिस्सा नहीं होनी चाहिए, बल्कि धरातल पर उनका वास्तविक क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
इस बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, स्वास्थ्य, राजस्व, पर्यावरण, उच्च शिक्षा, लोक निर्माण, ऊर्जा, सेवा तथा कृषि एवं शहरी स्थानीय निकाय विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिवों सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक का सार यही रहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी प्रदेश को सुशासित, उत्तरदायी और जन-हितकारी शासन प्रणाली के माध्यम से विकास के पथ पर तेजी से अग्रसर देखना चाहते हैं।





