मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का कांग्रेस पर करारा प्रहार: विकास न दिखे तो चश्मे का नंबर जांचें, विपक्ष को बताया किसान विरोधी

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का कांग्रेस पर करारा प्रहार: विकास न दिखे तो चश्मे का नंबर जांचें, विपक्ष को बताया किसान विरोधी
नई दिल्ली, 12 जुलाई — हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कैथल में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिन नेताओं को प्रदेश में हो रहा अभूतपूर्व विकास नहीं दिख रहा, उन्हें चाहिए कि वे अपने चश्मे का नंबर जांच लें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान योजनाएं सिर्फ कागजों में सिमटी रहती थीं और नागरिक कार्यालयों के चक्कर लगाते रहते थे, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने हरियाणा को विकास के हर मोर्चे पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आज प्रदेश के 76 लाख परिवारों को 500 से अधिक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधा उनके घर तक पहुँच रहा है, जो कि "परिवार पहचान पत्र" जैसी पारदर्शी और नवाचारी पहल की वजह से संभव हो सका है। उन्होंने कांग्रेस शासन की तुलना करते हुए कहा कि पहले बुजुर्गों को पेंशन के लिए वर्षों इंतजार करना पड़ता था, आज वही सुविधा स्वतः उनके खातों में पहुंच रही है और 36 लाख बुजुर्गों को 3,000 रुपये प्रति माह की पेंशन दी जा रही है, जबकि कांग्रेस के समय में यह संख्या सिर्फ 17 लाख थी।
कांग्रेस के डीएनए में नहीं किसान हित
मुख्यमंत्री सैनी ने कांग्रेस पर किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने कभी किसान हितों को गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने एमएसपी पर शत-प्रतिशत फसल खरीद सुनिश्चित की है और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 20 लाख किसानों को 6,563 करोड़ रुपये की सहायता दी है। 2014 से पहले कांग्रेस शासन में किसानों को फसल मुआवजा के नाम पर केवल 1,155 करोड़ रुपये मिले थे, जबकि वर्तमान सरकार अब तक 15,000 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा प्रदान कर चुकी है।
बिना पर्ची-बिना खर्ची मिल रही नौकरी, कांग्रेस के समय थी 'अटैची वाली व्यवस्था'
मुख्यमंत्री ने कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं की 'अटैची लाओ-नौकरी पाओ' वाली व्यवस्था अब अतीत की बात हो चुकी है। वर्तमान सरकार में योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर नौकरियाँ दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने कांग्रेस शासनकाल में नौकरियों को 'लाला की दुकान' की संज्ञा दी थी, लेकिन आज युवाओं को बिना किसी सिफारिश और भ्रष्टाचार के अवसर मिल रहे हैं।
स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन
मुख्यमंत्री सैनी ने स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तार योजना का ज़िक्र करते हुए बताया कि 15 मेडिकल कॉलेज वर्तमान में कार्यरत हैं, जिनमें से 9 कॉलेज उनकी सरकार के कार्यकाल में खुले हैं। एमबीबीएस सीटों की संख्या 700 से बढ़कर 2,185 हो चुकी है और लक्ष्य 3,485 सीटों तक पहुंचने का है। उन्होंने बताया कि 20.66 लाख मरीजों को अब तक 2,761 करोड़ रुपये का मुफ्त इलाज दिया गया है।
बुनियादी सुविधाओं का तीव्र विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जहां महिलाओं को दो-तीन किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता था, अब हर घर में नल से शुद्ध जल की व्यवस्था है। 30 लाख ग्रामीण घरों को नल कनेक्शन मिल चुका है। साथ ही म्हारा गांव-जगमग गांव योजना के तहत 5,877 गांवों को 24 घंटे बिजली आपूर्ति दी जा रही है।
महिलाओं की उच्च शिक्षा को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने बताया कि लड़कियों को दूर शिक्षा प्राप्त करने की मजबूरी से बचाने के लिए हर 20 किलोमीटर पर कॉलेज खोले गए हैं। 79 नए राजकीय महाविद्यालयों में से 30 केवल बालिकाओं के लिए हैं।
अंत में तीखा कटाक्ष: कांग्रेस के पास न नीति, न नियत, न नेतृत्व
मुख्यमंत्री सैनी ने कांग्रेस की घोषणाओं को “खोदा पहाड़, निकला चूहा” वाली कहावत करार देते हुए कहा कि कांग्रेस के पास न तो स्पष्ट नीति है, न जनहित की नियत और न ही नेतृत्व की दिशा है। इसके विपरीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हरियाणा में तीन गुनी गति से विकास हो रहा है और हर वर्ग तक सरकारी योजनाएं पहुंच रही हैं।
यह बयान एक ओर जहां मुख्यमंत्री के आत्मविश्वास को दर्शाता है, वहीं विपक्ष पर उनके हमले ने आगामी चुनावी माहौल को भी गर्म कर दिया है।





