गुरुग्राम की सफाई पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का विशेष जोर, पार्षदों से समन्वय बनाकर काम करने का आह्वान

गुरुग्राम की सफाई पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का विशेष जोर, पार्षदों से समन्वय बनाकर काम करने का आह्वान
गुरुग्राम, 16 जुलाई – हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को गुरुग्राम में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए शहर की सफाई व्यवस्था को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने नगर निगम पार्षदों से आग्रह किया कि वे निगम अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर गुरुग्राम को स्वच्छ, सुंदर और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार किसी भी स्तर पर संसाधनों की कमी नहीं होने देगी और यदि कोई अधिकारी जनसमस्याओं के समाधान में लापरवाही बरते, तो पार्षद सीधे मुख्यमंत्री से संपर्क कर सकते हैं।
बैठक के दौरान कुल 18 परिवादों में से 15 मामलों का समाधान किया गया, जबकि तीन मामलों को आगामी बैठक तक लंबित रखा गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन लंबित मामलों की स्टेटस रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत की जाए। बैठक में उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह, विधायक बिमला चौधरी, तेजपाल तंवर और मुकेश शर्मा समेत जिला स्तरीय प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री श्री सैनी ने अपनी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए उन परिवादियों से स्वयं फोन पर बात की जो किसी कारणवश बैठक में उपस्थित नहीं हो सके थे। उन्होंने फोन पर प्रत्येक शिकायतकर्ता से समाधान की स्थिति की जानकारी ली और यह सुनिश्चित किया कि वे सरकार की कार्रवाई से संतुष्ट हैं।
बैठक में स्थानीय समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने कई मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। सदर बाजार स्थित जैन मंदिर के पास लगातार कूड़ा जमा होने की शिकायत पर उन्होंने निगम की लापरवाही पर नाराजगी जताई और संबंधित सेनेटरी इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि यदि जनता की समस्याओं के समाधान में ढिलाई बरती गई, तो कठोर कदम उठाए जाएंगे।
इसी प्रकार, गाँव बहोड़ा कला में श्मशान घाट के सरकारी रास्ते पर कब्जे की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने खंड विकास अधिकारी को तत्काल जांच व पैमाइश करने और दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं, जैकबपुरा में सीवर ओवरफ्लो से हो रहे जलभराव के मुद्दे पर उन्होंने नगर निगम आयुक्त को आदेश दिया कि संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाए और नागरिकों को राहत देने हेतु शीघ्र समाधान किया जाए।
बैठक में जिला परिषद की चेयरपर्सन दीपाली चौधरी, गुरुग्राम की मेयर राज रानी मल्होत्रा, जीएमडीए के सीईओ श्यामल मिश्रा, प्रधान सलाहकार डीएस ढेसी और उपायुक्त अजय कुमार सहित अनेक अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अंत में दोहराया कि सरकार जनता के प्रति जवाबदेह है और हर स्तर पर पारदर्शिता तथा संवेदनशीलता से जनसमस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।





