देश में 90 प्रतिशत समस्याओं की जड़ जातिवाद : एडवोकेट वजीर सिंह
हिसार,। जातिविहीन समाज बनाने की मुहिम चला रहे एडवोकेट वजीर
सिंह का कहना है कि देश में जातिवाद सबसे बड़ी व घिनौनी समस्या है।
राजनीतिक दल व अन्य संगठन इस जातिवाद रूपी बीमारी को समाप्त करने की बजाय
और विकृत रूप देने में लगे हुए हैं। एडवोकेट वजीर सिंह शनिवार को पत्रकारों
से बातचीत कर रहे थे। उनके साथ ओमप्रकाश, सतीश कुमार, सतबीर सिंह व प्रदीप
भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दल, सामाजिक संस्थाए, यहां तक
कि व्यक्तिगत स्तर पर भी अपने स्वार्थ साधने के लिए किसी भी हद तक जाने को
तैयार रहते हैं, चाहे वह देशहित व सामाजिक सौहार्द की कीमत पर भी करना
पड़े।
उन्होंने कहा कि जातिवाद का शुरू से ही विरोध रहा है और
इसको खत्म करने के लिए हमारे समाज सुधारकों, स्वतंत्रता सेनानियों और
संविधान निर्माताओं ने समय-समय पर प्रयास किए हैं, जिनमें मुख्यत: महात्मा
बुध, रामानुजाचार्य, संत कबीर, संत रविदास, दादू दयाल और गुरु नानक देव जी
शामिल हैं।
एडवोकेट वजीर सिंह ने कहा कि हमारे संविधान की मूल
भावना भी जातिवाद समाप्त करने की है। उच्चतम न्यायालय ने भी अपने बहुत से
निर्णयों में, मंडल आयोग केस भी है, में जातिवाद को जड़ मूल से समाप्त करने
पर जोर दिया है। उन्होंने बताया कि इसी संदर्भ में बृहति रिफोर्मस
फाउंडेशन ने अपने जातिविहीन भारत अभियान के माध्यम से देश से जातिवाद
समाप्त करने की मुहिम शुरू की है।
इस बारे में सभी राज्यों के
मुख्यमंत्री, केन्द्र सरकार व सांसदों को लिखा गया है। जातिवाद को जड़मूल
सेे समाप्त करने के लिए उच्चतम न्यायालय में जनहित याचिका डाली गई है।
हमारा मानना है कि देश की 90 प्रतिशत समस्याओं की जड़ जातिवाद है और देश
में इस समय जो नफरत का वातावरण बना हुआ है, इसके पीछे केवल जातिवाद ही है।
उन्होंने कहा कि जातिवाद समाप्त करने का समय आ गया है और यह समाप्त हो सकता
है। देश इसको समाप्त करने के लिए सक्षम भी है औेर साधन सम्पन्न भी है।





