मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 2:39 · नई दिल्ली संस्करण

लोकसभा चुनाव में डिजिटल हथियार बनेगा सी-विजिल एप, आचार संहिता का उल्लंघन पड़ेगा भारी

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन

देहरादून। लोकसभा चुनाव के दौरान यदि आपके आसपास किसी भी तरह की गड़बड़ी होती है या कोई प्रत्याशी आचार संहिता का उल्लंघन कर रहा है तो इसकी शिकायत निर्वाचन आयोग से आप सीधे कर सकते हैं। आयोग ने यह हक और अधिकार सी विजिल एप के जरिए आपको दिया है। इस डिजिटल हथियार के जरिए आप निष्पक्ष चुनाव में अपनी भागीदारी दर्ज करा सकते हैं।निर्वाचन आयोग ने चुनाव को पारदर्शी बनाने की कड़ी में सी-विजिल एप को और प्रभावी बनाया है। लोकसभा चुनाव में सी-विजिल एप के इस्तेमाल के लिए कार्मिकों को प्रशिक्षित करने के साथ अब मतदाताओं को भी जागरूक किया जाएगा। इस एप के माध्यम से आम नागरिक निर्वाचन आयोग से किसी भी दल अथवा प्रत्याशी की आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत कर सकेंगे।यह एप सभी एंड्रायड स्मार्ट फोन पर आसानी से काम करता है। आदर्श आचार संहिता लागू होने पर इस एप को सक्रिय किया जाएगा। खास भक्त यह है कि शिकायतकर्ता को 100 मिनट के भीतर ही आदर्श आचार संहिता उल्लंघन पर की गई कार्रवाई के संबंध में जानकारी भी मिल सकेगी।सी-विजल एप भारत निर्वाचन आयोग की ओर से तैयार एक आसान एप है। इसके इस्तेमाल के लिए फोन में एक कैमरा, इंटरनेट कनेक्शन व जीपीएस होना चाहिए। शिकायतकर्ता को आदर्श आचार संहिता उल्लंघन की घटना का वीडियो बनाने के साथ ही संक्षिप्त विवरण के बाद इसे सी-विजिल एप्लीकेशन में लोड करना होगा। शिकायतकर्ता को उसके मोबाइल पर एक यूनिक आईडी मिलेगी। इसके प्रयोग से वह प्रक्रिया का अपडेट ले सकेगा। एप पर शिकायत आते ही वह संबंधित फील्ड यूनिट को भेज दी जाएगी। कुछ ही मिनटों में उड़नदस्ता उस स्थान तक पहुंच जाएगा और कार्रवाई को अंजाम देगा।फील्ड यूनिट इस कार्यवाही से संबंधित जानकारी रिटर्निंग आफिसर को देगी। घटना सही पाए जाने पर आगे की कार्यवाही को इसे भारत निर्वाचन आयोग के राष्ट्रीय शिकायत पोर्टल पर भेजा जाएगा। शिकायतकर्ता को 100 मिनट के भीतर शिकायत पर की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी दी जाएगी। इस एप में शिकायतकर्ता की शिकायत को गुप्त रखने का प्रावधान है।इस एप का प्रयोग 2019 के चुनाव में भी किया गया था, लेकिन इसका उपयोग अधिकांश चुनाव के दौरान प्रवर्तन कार्यों में लगे अधिकारियों ने किया था। अब इस बार मतदाताओं को भी इसके लिए जागरूक किया जा रहा है।संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रताप शाह का कहना है कि सी विजिल एप का इस्तेमाल कोई भी कर सकता है। आचार संहिता लगने के बाद यह प्रभावी हो जाएगा। इसके लिए आमजन को भी जागरूक किया जा रहा है।आचार संहिता उल्लंघन की सीधे कर सकते हैं शिकायत, 100 मिनट में होगा समाधानइस एप पर न सिर्फ भड़काऊ भाषण, धन, शराब वितरण की शिकायत कर सकते हैं बल्कि आयोग द्वारा प्रचार के लिए निर्धारित व्यक्तियों की संख्या से अधिक लोगों के साथ अगर कोई उम्मीदवार या किसी पार्टी का पदाधिकारी भ्रमण कर रहा है तो इसकी सूचनाएं भी दे सकते हैं। शिकायकर्ता के बारे में बताने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई होगी।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें