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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 4:28 · नई दिल्ली संस्करण

दिव्यांग का सिर काटकर हत्या करने वाले भाई को फांसी की सजा

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन
दिव्यांग का सिर काटकर हत्या करने वाले भाई को फांसी की सजा

फतेहाबाद। जिले के शहर टोहाना में जून 2020 में अपने दिव्यांग भाई की गला काटकर बेरहमी से हत्या करने के मामले में सुनवाई करते हुए फतेहाबाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपक अग्रवाल की अदालत ने गुरुवार काे मृतक के भाई को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है। हत्यारे ने न केवल अपने भाई की हत्या की बल्कि उसकी गर्दन काटकर धड़ से अलग कर दी थी और गर्दन को थैले में डालकर अपने साथ ले गया था। अदालत ने इस मामले को रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस मानते हुए हत्यारे युवक को फांसी की सजा सुनाई। जांच के दौरान पुलिस ने मृतक युवक की गर्दन व अन्य सामान को बरामद किया था। पुलिस ने इस मामले में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। अदालत ने धारा 302 में फांसी और 20 हजार रुपये के जुर्माने, 457, 506, 201 धारा में 5-5 साल कैद व 5-5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से जिला उप न्यायवादी अरुण कुमार द्वारा पैरवी की गई थी। जिला न्यायवादी देवेंद्र मित्तल ने बताया कि इस मामले में पंजाब के संगरूर निवासी सुषमा देवी पत्नी मनजीत सिंह ने बयान दर्ज करवाए थे। सुषमा ने कहा था कि उसके भाई अशोक ने छोटे भाई दीपक की रंजिशवश तेजधार हथियार से गर्दन काटकर हत्या कर दी। पुलिस को दी शिकायत में शिकायतकर्ता सुषमा ने बताया था कि वह छह भाई-बहन हैं, जिनमें दो भाइयों की मौत हो चुकी है। उसका छोटा भाई 40 वर्षीय दीपक तीन-चार साल से दिव्यांग है और उसका तलाक हो चुका है। वह अपनी मां के पास टोहाना की गुगा मेड़ी के पास रहता था। उसकी मां ने 10 साल पहले अपना मकान दीपक के नाम करवा दिया। इस बात से उसका दूसरा भाई अशोक रंजिश रखता था और कई बार उसे मारने की बात कह चुका था। शिकायतकर्ता के अनुसार गांव डांगरा का सुरजीत उसके भाई दीपक का धर्म भाई बना हुआ था। 18 जून 2020 को सुरजीत ने उसे फोन कर बताया कि 17 जून को वह दीपक के घर था, तब अशोक आया और उसके सामने बैठकर शराब पी, जिसके बाद वह अपने गांव आ गया। 18 जून को सुबह वह दीपक के घर पहुंचा तो दरवाजे नहीं खुलेंगे। जिस पर सुषमा अपने पति के साथ मौके पर पहुंची और पुलिस को सूचित किया। शिकातयकर्ता ने बताया कि जब दरवाजा खोलकर अंदर देखा तो घर के बरामदे में भाई दीपक की लाश खून से लथपथ मिली और तेजधार हथियार से हत्या कर उसकी गर्दन काटी गई थी। उसका सिर भी नहीं मिला। उन्होंने अपने भाई अशोक पर ही हत्या करने और सिर साथ ले जाने के आरोप जड़े थे। घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर भी गायब थी। जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। पुलिस ने हत्या के दो दिन बाद आरोपी को टोहाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया था। तब आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया था। आरोपी ने रिमांड के दौरान बताया था कि उसने भाई की हत्या कर सारी रात वहीं बैठा रहा। वह दीपक का एक सोने का कड़ा, 60 हजार रुपए की नगदी व दो मोबाइल भी अपने साथ ले गया। पहले उसने दीपक के कटे सिर को एक पॉलिथीन बैग में डालकर वहीं खूंटी पर टांग दिया था। सुबह 5 बजे वह सिर और सामान लेकर वहां से चला गया था। इस मामले में सुनवाई करते हुए अदालत ने अब दोषी को फांसी की सजा सुनाई है।

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