35 वर्षों बाद बंद हुआ डीवीसी बी प्लांट का मुख्य द्वार, रेलवे का काम शुरू
संवाददाता
बोकारो थर्मल : बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी बी पावर प्लांट के मुख्य प्रवेश द्वार को 35 वर्षों बाद स्थायी रुप से बंद कर दिया गया है। गेट को बंद कर चहारदीवारी का नर्मिाण कार्य आरंभ कर दिया गया है। नर्मिाण कार्य के पूरा होने तक मेन गेट में ताला लगाकर सीआईएसएफ के एक जवान की डयूटी लगा दी गयी है। 630 मेगावाट वाले बी प्लांट का नर्मिाण 1986 में पूरा होने के बाद से पावर प्लांट के आवागमन का मुख्य प्रवेश द्वार यही हो गया था। इसके पूर्व प्लांट जाने के लिए ए प्लांट के गेट का इस्तमाल किया जाता था। बी प्लांट गेट का नर्मिाण के बाद ए प्लांट के गेट का इस्तेमाल सर्फि मैटेरियल वाहनों की आवाजाही के लिए ही होने लगा था। बी प्लांट के मेन गेट की जमीन रेलवे की थी और तीन वर्ष रेलवे के लाईन दोहरीकरण का कार्य आरंभ होने के बाद रेलवे ने उक्त जमीन को खाली करने एवं गेट को हटा लेने का कई बार डीवीसी को नोटिस दी गई थी, परंतु डीवीसी प्रबंधन के द्वारा पावर प्लांट आवागमन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं रहने के कारण ही गेट को बंद करना प्रबंधन के लिए संभव नहीं हो पा रहा था।
रेलवे की उक्त जमीन को डीवीसी के द्वारा खाली नहीं करने के कारण रेलवे को नर्मिाण कार्य में काफी विलंब हो रहा था। रेलवे के द्वारा कड़ा रुख अख्तियार करने के कारण डीवीसी प्रबंधन के द्वारा वैकल्पिक मार्ग का नर्मिाण आनन-फानन में किया गया। सोमवार को पावर प्लांट के मेन गेट को बंद करने के साथ ही रेलवे ने नर्मिाण कार्य को लेकर अपनी मशीनरी एवं मैन पावर को उतार दिया और कार्य आरंभ हो गया। दूसरी ओर डीवीसी पावर प्लांट का मेन गेट 35 वर्षों बाद बंद कर दिये जाने के कारण इतिहास के काल में चला गया।





