मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · शाम 5:52 · नई दिल्ली संस्करण

35 वर्षों बाद बंद हुआ डीवीसी बी प्लांट का मुख्य द्वार, रेलवे का काम शुरू

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

संवाददाता

बोकारो थर्मल : बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी बी पावर प्लांट के मुख्य प्रवेश द्वार को 35 वर्षों बाद स्थायी रुप से बंद कर दिया गया है। गेट को बंद कर चहारदीवारी का नर्मिाण कार्य आरंभ कर दिया गया है। नर्मिाण कार्य के पूरा होने तक मेन गेट में ताला लगाकर सीआईएसएफ के एक जवान की डयूटी लगा दी गयी है। 630 मेगावाट वाले बी प्लांट का नर्मिाण 1986 में पूरा होने के बाद से पावर प्लांट के आवागमन का मुख्य प्रवेश द्वार यही हो गया था। इसके पूर्व प्लांट जाने के लिए ए प्लांट के गेट का इस्तमाल किया जाता था। बी प्लांट गेट का नर्मिाण के बाद ए प्लांट के गेट का इस्तेमाल सर्फि मैटेरियल वाहनों की आवाजाही के लिए ही होने लगा था। बी प्लांट के मेन गेट की जमीन रेलवे की थी और तीन वर्ष रेलवे के लाईन दोहरीकरण का कार्य आरंभ होने के बाद रेलवे ने उक्त जमीन को खाली करने एवं गेट को हटा लेने का कई बार डीवीसी को नोटिस दी गई थी, परंतु डीवीसी प्रबंधन के द्वारा पावर प्लांट आवागमन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं रहने के कारण ही गेट को बंद करना प्रबंधन के लिए संभव नहीं हो पा रहा था।

रेलवे की उक्त जमीन को डीवीसी के द्वारा खाली नहीं करने के कारण रेलवे को नर्मिाण कार्य में काफी विलंब हो रहा था। रेलवे के द्वारा कड़ा रुख अख्तियार करने के कारण डीवीसी प्रबंधन के द्वारा वैकल्पिक मार्ग का नर्मिाण आनन-फानन में किया गया। सोमवार को पावर प्लांट के मेन गेट को बंद करने के साथ ही रेलवे ने नर्मिाण कार्य को लेकर अपनी मशीनरी एवं मैन पावर को उतार दिया और कार्य आरंभ हो गया। दूसरी ओर डीवीसी पावर प्लांट का मेन गेट 35 वर्षों बाद बंद कर दिये जाने के कारण इतिहास के काल में चला गया।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें