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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:53 · नई दिल्ली संस्करण

बैंक घोटाले में सीबीआई ने आईडीएफसी व एयू स्माल फाइनेंस के दो अधिकारियों को गिरफ्तार किया

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन
बैंक घोटाले में सीबीआई ने आईडीएफसी व एयू स्माल फाइनेंस के दो अधिकारियों को गिरफ्तार किया

चंडीगढ़। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक फंड गबन मामले में दो बैंक अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। इनमें आईडीएफसी के तत्कालीन एरिया हेड शमीम डार और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक की मोहाली शाखा के तत्कालीन ब्रांच मैनेजर चरणजीत सिंह रंधावा हैं।

सीबीआई के अनुसार यह मामला हरियाणा सरकार के विभागों के फंड की हेराफेरी से जुड़ा है। आरोप है कि सरकारी विभागों के सरप्लस फंड को अनियमित तरीके से फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश दिखाकर और इस मकसद से खोले गए बैंक खातों के जरिए फर्जी लेन-देन कर सार्वजनिक धन को डायवर्ट किया गया।

जांच में सामने आया कि दोनों अधिकारियों ने अपने-अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बैंक खाते खुलवाने और फर्जी लेन-देन को अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई। सीबीआई ने जांच के दौरान दोनों के खिलाफ आपत्तिजनक सबूत जुटाए, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों को पंचकूला स्थित विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया गया है।

सीबीआई ने यह जांच हरियाणा सरकार के अनुरोध पर राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से अपने हाथ में ली थी।

यह घोटाला चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की शाखा में हुआ। इस मामले में हरियाणा सरकार के 8 विभागों के करीब 504 करोड़ रुपये फर्जी या गैर-मौजूद फिक्स्ड डिपॉजिट और डेबिट नोट्स के जरिए शेल कंपनियों में भेजे गए।

इस हरियाणा मामले में अब तक सीबीआई 17 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। इनमें आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के 6 बैंक अधिकारी, हरियाणा सरकार के 3 लोक सेवक, 2 कंपनियां और 6 निजी व्यक्ति शामिल हैं।

सीबीआई ने चंडीगढ़ यूनियन टेरिटरी से जुड़े दो अन्य मामलों की जांच भी अपने हाथ में ली है। इनमें एक मामला चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड और चंडीगढ़ नगर निगम से संबंधित है, जबकि दूसरा मामला क्रेस्ट चंडीगढ़ से जुड़ा है।

इन दोनों मामलों में भी सीबीआई की ओर से एक-एक चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। सीएससीएल मामले में सीबीआई ने 5 बैंकर्स, 1 सीएससीएल अधिकारी और 1 निजी व्यक्ति को चार्जशीट किया है। क्रेस्ट चंडीगढ़ मामले में 5 बैंकर्स, 2 क्रेस्ट अधिकारी, 4 निजी व्यक्ति और 2 कंपनियों को चार्जशीट किया गया है।

सीबीआई का कहना है कि सार्वजनिक धन के गबन में शामिल सभी जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में लाया जाएगा। एजेंसी ने कहा कि गबन किए गए सार्वजनिक धन के पूरे ट्रेल का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

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