'परीक्षा में पास करके फिर भेजा' - आकाश आनंद का मायावती को लेकर बड़ा बयान
बुलंदशहर रैली में आकाश आनंद ने बताया कि उन्होंने मायावती से पूछा था - 'बहन जी, आप बार-बार मेरी परीक्षा क्यों लेती हैं?' जवाब में मायावती ने बाबा साहेब और कांशीराम का उदाहरण देकर कहा - इतनी बड़ी जिम्मेदारी बिना परीक्षा लिए नहीं दी जा सकती। आकाश ने कहा, आप जितनी परीक्षा लेंगी, मैं तैयार हूं। मैं बहुजन समाज को ही अपना परिवार मानता हूं। मायावती ने उन्हें फिर राष्ट्रीय संयोजक बनाकर पंजाब-उत्तराखंड की जिम्मेदारी भी दी है।

बुलंदशहर में 28 अक्टूबर को हुई बसपा की रैली में आकाश आनंद ने एक निजी बातचीत का जिक्र किया जिसने कार्यकर्ताओं को भावुक कर दिया। आकाश ने बताया कि जब उन्हें बार-बार पार्टी से निकाला और फिर वापस लिया जा रहा था, तो एक दिन उन्होंने अपनी बुआ और बसपा सुप्रीमो मायावती से पूछा - "बहन जी, आप बार-बार मेरी परीक्षा क्यों लेती हैं?" रैली में आकाश ने कहा कि इस सवाल पर मायावती ने उन्हें बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और बसपा के संस्थापक कांशीराम का उदाहरण दिया।
मायावती का जवाब था - "इतनी बड़ी जिम्मेदारी बिना परीक्षा लिए नहीं सौंपी जा सकती।" उन्होंने कहा था कि बाबा साहेब और कांशीराम जी ने जीवन भर संघर्ष और त्याग से इस मूवमेंट को खड़ा किया है। बहुजन समाज को शासक बनाने का सपना इतना बड़ा है कि इसकी कमान किसी को भी ऐसे ही नहीं दी जा सकती, इसके लिए तपना पड़ता है। आकाश आनंद ने मंच से बताया कि उन्होंने उसी समय मायावती से कहा था - "आप जितनी परीक्षाएं लेना चाहें ले सकती हैं, मैं मरते दम तक इसके लिए तैयार हूं।"
उन्होंने रैली में दोहराया कि वह बहुजन समाज को ही अपना परिवार मानते हैं। उन्होंने कहा - "समाज के लिए मैं अपने परिवार का त्याग करने और पूरी मेहनत से काम करने को तैयार हूं। मेरा लक्ष्य बहुजन समाज को देश का शासक बनते देखना है, जब तक यह लक्ष्य पूरा नहीं होता, तब तक मैं चैन से नहीं बैठूंगा।" आकाश ने मायावती का आभार जताते हुए कहा कि उन्हें परीक्षा में पास करके एक बार फिर लोगों के बीच भेजा गया है। उन्होंने हाथ जोड़कर और सिर झुकाकर मायावती के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया। गौरतलब है कि यह रैली आकाश आनंद की राजनीतिक वापसी के बाद पहली बड़ी रैली है।
मायावती ने उन्हें फिर से बसपा का राष्ट्रीय संयोजक (नेशनल कोऑर्डिनेटर) बनाया है। 17 अक्टूबर को मायावती ने खुद X पर जानकारी दी थी कि अपने रिश्तेदार अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के बाद आकाश आनंद काफी सूझबूझ और मैच्योरिटी दिखा रहे हैं और पार्टी व मूवमेंट को परिवार से ऊपर रख रहे हैं। इस भरोसे के बाद मायावती ने आकाश को यूपी के साथ-साथ पंजाब और उत्तराखंड की भी जिम्मेदारी दी है। शेड्यूल के मुताबिक 28 अक्टूबर बुलंदशहर, 2 नवंबर सहारनपुर, 20 नवंबर अयोध्या, 22 नवंबर आगरा और 29 नवंबर कानपुर में उनकी जनसभाएं होंगी।
वहीं मायावती ने अपने समधी अशोक सिद्धार्थ की वापसी की अटकलों पर भी पूर्ण विराम लगा दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि इस अफवाह में रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है कि सिद्धार्थ को भी पार्टी में वापस लिया जाएगा।




