मुख्य सामग्री पर जाएँ
ब्रेकिंग
Rajasthan Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव का ऐलान, 4 चरणों में होगी वोटिंग, जानिए पूरा शेड्यूलमुंबई में CJP का प्रदर्शन पड़ा भारी! जेल भरो आंदोलन पर FIR, आयोजकों में हड़कंपज्ञानेश कुमार पर चले लोकतंत्र की हत्या का मुकदमा! प्रमोद तिवारी का बड़ा हमलाBJP का झंडा उतारने वाले संजयन त्रिपाठी अब साइकिल पर सवार, समाजवादी पार्टी में हुए शामिलCM Yogi का बड़ा तोहफा: 4.60 लाख छात्रों के खाते में आई छात्रवृत्ति, आपके खाते में आई क्या? चेक करेंNoida: सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से युवक ने लगाई छलांग, मौके पर दर्दनाक मौत, सोसाइटी में हड़कंपमुंबई प्रदर्शन के बाद CJP का दिल्ली कूच का ऐलान, अभिजीत दिपके ने कही ये बड़ी बातगठबंधन में फूट! रायबरेली से डरते थे राहुल गांधी! सपा नेता का बड़ा खुलासा, अखिलेश ने दी थी धमकी

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · रात 3:55 · नई दिल्ली संस्करण

बीएसपी के घमासान में कूदे अखिलेश यादव: मायावती के भतीजे आकाश को लेकर दिया बड़ा बयान

बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती द्वारा अपने भतीजे और राजनीतिक उत्तराधिकारी आकाश आनंद को पार्टी के सभी पदों से हटाए जाने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर…

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन63 बार पढ़ा गया
बीएसपी के घमासान में कूदे अखिलेश यादव: मायावती के भतीजे आकाश को लेकर दिया बड़ा बयान

बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती द्वारा अपने भतीजे और राजनीतिक उत्तराधिकारी आकाश आनंद को पार्टी के सभी पदों से हटाए जाने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सरगर्मी तेज हो गई है। इस पारिवारिक और राजनीतिक उथल-पुथल के बीच समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक बड़ा राजनीतिक दांव खेलते हुए आकाश आनंद को खुला ऑफर दे दिया है।

अखिलेश यादव ने एक बयान में कहा कि जिस तरह से बीजेपी और अन्य दल परिवारवाद की राजनीति करते हैं, वहीं दूसरी तरफ बीएसपी में हो रहे घटनाक्रम से साफ है कि वहां युवाओं और स्वतंत्र सोच के नेताओं के लिए सम्मान सुरक्षित नहीं है। उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से इशारा करते हुए कहा कि अगर आकाश आनंद और उनके समर्थक चाहें, तो वे समाजवादी पार्टी का रुख कर सकते हैं। एसपी प्रमुख का यह बयान ऐसे समय में आया है जब दलित और पिछड़ों के समीकरण को साधने के लिए राज्य में सभी दल नए सियासी समीकरण तलाशने में जुटे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मायावती द्वारा अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत आकाश आनंद और उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से दरकिनार किए जाने के बाद बीएसपी के भीतर असंतोष का माहौल बन सकता है। ऐसे में अखिलेश यादव इस मौके का पूरा फायदा उठाकर बीएसपी के नाराज दलित और युवा वोट बैंक के साथ-साथ पार्टी के असंतुष्ट नेताओं को अपने पाले में खींचने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। हालांकि, आकाश आनंद या उनके परिवार की तरफ से अभी तक समाजवादी पार्टी के इस खुला ऑफर पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन इस बयान ने आगामी विधानसभा चुनावों से पहले यूपी की राजनीति का पारा जरूर बढ़ा दिया है।

इस सियासी उठापटक के बीच बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी के भीतर अनुशासन सर्वोपरि है और किसी भी कीमत पर संगठन से जुड़े फैसलों में व्यक्तिगत या पारिवारिक हितों को प्राथमिकता नहीं दी जाएगी। दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी इस स्थिति को एक बड़े अवसर के रूप में देख रही है ताकि बहुजन समाज के एक बड़े वर्ग को अपने साथ जोड़ा जा सके। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या आकाश आनंद इस राजनीतिक प्रस्ताव पर कोई कदम उठाते हैं या बीएसपी के भीतर का यह घमासान और कौन सा नया मोड़ लेता है।

यह ख़बर दूसरों तक पहुँचाएँ

WhatsAppFacebookX

संबंधित ख़बरें