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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 8:34 · नई दिल्ली संस्करण

बाबूलाल मरांडी ने बंगाल सीमा पर वाहनों को रोकने की कार्रवाई काे असंवैधानिक बताया, हेमंत से भी पूछे सवाल

राष्ट्रीय सागर डेस्क2 मिनट का पठन

रांची। पश्चिम बंगाल में आये बाढ़ को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने डीवीसी को जिम्मेदार ठहराया है और झारखंड-बंगाल सीमा पर वाहनों की आवाजाही को अगले तीन दिनों तक रोक दिया है। इसकी वजह से धनबाद के निरसा और रांची से सटे पुरुलिया बॉर्डर पर वाहनों की लंबी कतार लग गयी है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने एक्स पर पाेस्ट करके इसे असंवैधानिक करार दिया है। साथ ही इस मुद्दे पर झारखंड सरकार पर भी सवाल उठाया है।एक्स पर बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि झारखंड से बंगाल में प्रवेश करने वाले वाहनों को ममता बनर्जी की पुलिस ने पुरुलिया सीमा के पास रोक रखा है। ममता बनर्जी सरकार ने बंगाल में आई बाढ़ के लिए डीवीसी को दोषी ठहराया है और झारखंड से आने वाले वाहनों को अगले तीन दिनों तक सीमा में प्रवेश करने से रोक दिया है। यदि बारिश बहुत ज्यादा होती है, तो झारखंड को पानी छोड़ना ही पड़ेगा, यह एक सामान्य प्रक्रिया है लेकिन दीदी के इस असंवैधानिक कदम पर हेमंत सोरेन की चुप्पी आश्चर्यजनक है। कांग्रेस सरकार ने आज तक झारखंड में जितने भी डैम बनाए हैं, उसमें जमीन झारखंड की डूबी है। विस्थापन का दर्द आदिवासियों मूलवासियों को उठाना पड़ा है और बिजली पानी का लाभ बंगाल को मिल रहा है।मरांडी ने कहा कि वाहन रोकने की इतनी बड़ी असंवैधानिक कार्रवाई कर ममता बनर्जी, हेमंत सोरेन और झारखंड को क्या संदेश देना चाहती हैं? नेशनल परमिट वाले वाहनों को बंगाल में घुसने के लिए क्या अलग से अनुमति लेनी होगी? हेमंत सोरेन जी, क्या हमारा झारखंड सिर्फ बंगाल के रास्ते आए बांग्लादेशी घुसपैठियों को बसाने के लिए है? ऐसी कौन सी मजबूरी है कि आप दीदी के इस गैर-जिम्मेदाराना और असंवैधानिक कदम पर मौन साधे हुए हैं?

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