सिंदुली कोलियरी में एयर ब्लास्ट से मचा हड़कंप, अंडाल में अफरा-तफरी

पश्चिम बर्दवान। ईसीएल के केंदा क्षेत्र की सिंदुली कोलियरी की जेके यूनिट में सोमवार तड़के करीब साढ़े चार बजे एयर ब्लास्ट की घटना से खदान क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। एयर ब्लास्ट के बाद बंद किए गए ऊपरी तल से पानी तेजी से नीचे की ओर आने लगा और खदान के दो नंबर चानक में पानी भरने लगा। अचानक पानी भरने के कारण वहां मौजूद माइनिंग सरदार और पंप ऑपरेटर कुछ समय के लिए पानी में फंस गए। हालांकि दोनों किसी तरह सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
स्थानीय नेता राजेंद्र राम ने घटना के संबंध में बताया कि जेके यूनिट में पहले ऊपरी तल पर काम होता था, लेकिन वर्तमान में निचले तल पर काम चल रहा है। ऊपरी तल को सील कर दिया गया है। राजेंद्र राम के अनुसार, ऊपरी तल पर पानी का एक रिजर्वायर भी था। पहले वहां से एचटीपी के माध्यम से पानी को नीचे लाया जाता था, लेकिन फिलहाल उस हिस्से को सील कर दिया गया है।
राजेंद्र राम ने बताया कि सोमवार सुबह करीब चार से साढ़े चार बजे के बीच अचानक जोरदार एयर ब्लास्ट हुआ। ब्लास्ट के बाद ऊपरी हिस्से में जमा पानी नीचे की ओर आने लगा। देखते ही देखते पानी खदान के दो नंबर चानक की तरफ भरने लगा। उस समय वहां माइनिंग सरदार रमेश बक्शाल और पंप ऑपरेटर हिंचलाल पासी मौजूद थे।
उन्होंने बताया कि एयर ब्लास्ट के बाद अचानक पानी आने से दोनों कर्मियों के सामने मुश्किल स्थिति पैदा हो गई। पानी तेजी से बढ़ने के कारण दोनों कुछ समय के लिए पानी में फंस गए। बताया गया कि पानी करीब दो पिलर तक भर गया था। इसके बाद दोनों कर्मियों ने वहां से निकलने के लिए दूसरे रास्ते का सहारा लिया और किसी तरह सुरक्षित बाहर आने में कामयाब रहे।
राजेंद्र राम ने कहा कि रविवार होने के कारण नाइट शिफ्ट में सामान्य दिनों की तुलना में खदान के अंदर कर्मचारियों की संख्या कम थी। पंप ऑपरेटर भी कम संख्या में मौजूद थे। ऐसे में एयर ब्लास्ट के बाद अचानक पानी भरने की घटना से स्थिति गंभीर हो गई थी। उन्होंने बताया कि फिलहाल दोनों कर्मियों की स्थिति सामान्य है।
गौरतलब है कि सिंदुली कोलियरी में करीब 550 श्रमिक कार्यरत हैं और यहां से प्रतिदिन औसतन करीब 220 टन कोयले का उत्पादन होता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सामान्य कार्य दिवस के दौरान खदान के अंदर बड़ी संख्या में श्रमिक मौजूद होते और उसी समय इस तरह एयर ब्लास्ट के बाद पानी भरता, तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी।





