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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · सुबह 5:21 · नई दिल्ली संस्करण

जाति छुपाकर भूमि विक्रय पर कार्रवाई, 1.170 हेक्टेयर भूमि राज्य सरकार में निहित

राष्ट्रीय सागर डेस्क1 मिनट का पठन
जाति छुपाकर भूमि विक्रय पर कार्रवाई, 1.170 हेक्टेयर भूमि राज्य सरकार में निहित

*]:pointer-events-auto scroll-mt-[calc(var(--header-height)+min(200px,max(70px,20svh)))]" dir="auto" data-turn-id="request-69cf4745-4394-8320-b590-add8aaaeb61b-6" data-testid="conversation-turn-28" data-scroll-anchor="true" data-turn="assistant">नैनीताल। रामनगर के ढेला बंदोबस्ती ग्राम में अनुसूचित जाति के व्यक्तियों द्वारा जाति छुपाकर सामान्य वर्ग के व्यक्ति को बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति भूमि विक्रय करने के प्रकरण में जिला कलेक्टर नैनीताल की न्यायालय ने बड़ी कार्रवाई की है। 1.170 हेक्टेयर भूमि राज्य सरकार में निहित करने का आदेश दिया है।वर्ष 1993 में किए गए विक्रय की जांच में विक्रय विलेख एवं मुख्तारनामे में विक्रेताओं की जाति का उल्लेख नहीं पाया गया। सरकार बनाम सीताराम आदि प्रकरण में जांच के दौरान विक्रेताओं के अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र एवं परिवार अभिलेख में उनका नाम अनुसूचित जाति में दर्ज होना प्रमाणित हुआ।न्यायालय ने सर्वोच्च न्यायालय के स्थापित सिद्धांतों के आधार पर, जिनके अनुसार किसी व्यक्ति जाति उसके जन्म एवं पिता के आधार पर निर्धारित होती है, इसलिये बिना अनुमति किए गए इस भूमि हस्तांतरण को अवैध ठहराया। ऐसे में जिला कलेक्टर नैनीताल ललित मोहन रयाल ने इसे उत्तर प्रदेश जमींदारी उन्मूलन एवं भूमि सुधार अधिनियम की धारा 157 का उल्लंघन मानते हुए भूमि राज्य सरकार में निहित करने और उपजिलाधिकारी रामनगर को राजस्व अभिलेखों में अंकन एवं कब्जा सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने इसे अवैध भूमि हस्तांतरण के विरुद्ध महत्वपूर्ण कार्रवाई बताया है।

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