गांवों में प्रति परिवार 10-10 रुपये प्रति बल्ब की दर से बांटे जाएंगे 60 करोड़ एलईडी बल्ब
नई दिल्ली : देश के ग्रामीण इलाकों में बिजली खपत को कम करने के लिए ग्रामीण उजाला योजना के तहत गांवों में प्रति परिवार 10-10 रुपये प्रति बल्ब की दर से तीन से चार एलईडी बल्ब वितरित किए जाएंगे। इसके तहत लगभग 15 से 20 करोड़ ग्रामीण परिवारों के बीच 60 करोड़ एलईडी बल्ब वितरित किए जाने की योजना है। सूत्र ने बताया कि योजना चरणबद्ध तरीके से लागू होगी। केंद्र सरकार की ग्रामीण उजाला योजना की शुरुआत अगले महीने से हो सकती है। योजना से सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनर्जी एफिसिएंसी र्सिवसेज लि. (ईईएसएल) जुड़ी है। शुरू में इसे उत्तर प्रदेश के वाराणसी (प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र)के अलावा बिहार के आरा, महाराष्ट्र के नागपुर, गुजरात के वडनगर और आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा के ग्रामीण क्षेत्रों में लागू किया जाएगा। अप्रैल तक पूरे देश में इसे लागू करने की योजना है। बताया जाता है कि बिजली मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले उपक्रमों एनटीपीसी, पीएफसी, आरईसी और पावरग्रिड की संयुक्त उद्यम कंपनी अभी उजाला कार्यक्रम के तहत 70 रुपये प्रति बल्ब की दर से 36.50 करोड़ से अधिक एलईडी बल्ब का वितरण कर चुकी है लेकिन इसमें से 20 फीसदी बल्ब ही ग्रामीण क्षेत्रों में वितरित हो पाए हैं। ग्रामीण उजाला कार्यक्रम के लाभ के बारे में सूत्रों ने बताया कि इस योजना के लागू होने से करीब 9324 करोड़ यूनिट सालाना बचत होगी जबकि 7.65 करोड़ टन सालाना कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। सूत्रों के अनुसार इस कार्यक्रम के लिए केंद्र या राज्य सरकारों से कोई सब्सिडी नहीं ली जाएगी और जो भी खर्च होगा, वह ईईएसएल स्वयं वहन करेगी। कार्बन ट्रेडिंग के माध्यम से लागत की वसूली की जाएगी। इस योजना से ऊर्जा बचत के रूप में करीब 50,000 करोड़ रुपये सालाना बचत का अनुमान है। इससे जहां लोगों की बिजली बिल के रूप में पैसे की बचत होगी वहीं एक सतत और बेहतर जीवन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही एलईडी बल्ब की मांग बढ़ने से निवेश भी बढ़ेगा। ईईएसएल ने उजाला कार्यक्रम के अंतर्गत एलईडी बल्ब के अलावा ट्यूबलाइट और ऊर्जा दक्ष पंखों का भी वितरण किया है। इसके प्रमुख कार्यक्रमों में उजाला के अलावा एसएलएनपी (स्ट्रीट लाइटिंग नेशनल प्रोग्राम), स्मार्ट मीटर, इलेक्ट्रिक व्हीकल, ईवी चार्जिंग ढांचागत सुविधा आदि शामिल हैं।





