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सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 · शाम 5:52 · नई दिल्ली संस्करण

झारखंड में फिर खुलेंगे बंद हो चुके 4096 सरकारी स्कूल

राष्ट्रीय सागर डेस्क3 मिनट का पठन

झारखंड में फिर खुलेंगे बंद हो चुके 4096 सरकारी स्कूलरांची, 28 फ़रवरी । राज्य के विभिन्न जिलों में मर्जर के दौरान बंद हुए 4096 सरकारी स्कूरल खोले जाएंगे। इसकी सूची उपायुक्तों से मांगी गई है। इस संबंध में झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद् की निदेशक किरण कुमारी पासी ने सभी उपायुक्त को पत्र लिखा है। परियोजना निदेशक ने पत्र में लिखा है कि वर्ष 2016-17 और उसके बाद विभिन्न जिलों में 4096 विद्यालयों को नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा द्वारा निर्धारित मानक एक किलोमीटर के दायरे में एक प्राथमिक विद्यालय के स्थान पर एक से अधिक प्राथमिक विद्यालय रहने अथवा एक ही परिसर में एक से अधिक विद्यालय संचालित रहने के कारण प्रशासनिक एवं भौगोलिक रूप से मर्ज कर दिए गए है।इसी तरह ऐसे मध्य विद्यालय जो निर्धारित तीन किमी की परिधि में एक से अधिक विद्यालय रहने और छात्र संख्या जिन विद्यालयों में नगन्य थी, वैसे विभिन्न जिलों के 527 विद्यालयों को अवक्रमित कर प्राथमिक विद्यालय बनाया गया। ऐसे मध्य विद्यालय जो निर्धारिततीन किलोमीटर के परिधि में एक से अधिक विद्यालय रहने और छात्र संख्या जिन विद्यालयों में नगन्य थी, वैसे विभिन्न जिलों के 527 विद्यालयों को अवक्रमित कर प्राथमिक विद्यालय बनाया गया।विभागीय मंत्री के समक्ष विभिन्न जिलों के जनप्रतिनिधियों द्वारा बताया गया है कि इन मर्जर होने वाले विद्यालयों में से कई ऐसे विद्यालय मर्ज हो गए है, जो भोगोलिक दृष्टिकोण से कठिन क्षेत्र में हैं। ऐसे विद्यालयों में मर्जर हो गया है, जहां मर्ज किए गए विद्यालयों के बच्चों को जाने में अत्याधिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। मर्ज किए गए विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को दुर्गम क्षेत्रों अथवा राष्ट्रीय/राज्य मार्गों को पार कर विद्यालयों जाना पड़ता है, जिसके कारण विशेष कर छोटे बच्चों एवं छात्राओं कि सुरक्षा प्रभावित होती है।सभी जिलों के उपायुक्त छात्रहित में अपने जिले के वर्ष 2016-17 एवं उसके बाद मर्ज किए गए विद्यालयों की समीक्षा अपने स्तर से एक माह के अंदर कराते हुए यह देख लें कि अगर ऐसा कोई विद्यालय जो पूर्व में मर्ज अथवा अवक्रमित किया गया हो और इस मर्जर के कारण संबंधित विद्यालय के छात्र-छात्रायें को पठन-पाठन में कठिनाई हो रही हो। ऐसे विद्यालयों को चिन्हित कर इसकी सूची कारणों सहित निदेशक प्राथमिक शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक को उपलब्ध कराने का कष्ट करे, ताकि इसपर सरकार के स्तर से इन्हें पुनः खोलने के संबंध में विचार किया जा सके।शिक्षा मंत्री ने दिया था निर्देशझारखंड में विलय किये गये स्कूलों को खोलने की तैयारी सरकार गठन के बाद से ही की जा रही है। शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो भी इसके पक्ष में हैं। 2022 में शिक्षा विभाग की आयोजित दो बैठकों में उन्होंने इस पर गंभीरता जतायी और अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की। शिक्षा मंत्री ने कहा कि विभिन्न जनप्रतिनिधियों व अन्य माध्यमों से स्कूल के विलय से समस्या सामने आ रही है। ऐसे में इन स्कूलों को छात्र हित में फिर से खोलने और पढ़ाई सुनिश्चित करने की दिशा में कार्रवाई की जाए।

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